फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   हाईस्कूल-इंटर के हजारों छात्रों के भविष्य पर ग्रहण

हाईस्कूल-इंटर के हजारों छात्रों के भविष्य पर ग्रहण

Sun, 31 Mar 2013 05:30 AM IST
Ballia
Ballia Updated Sun, 31 Mar 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
बलिया। उच्च न्यायालय के एक आदेश ने जनपद में हाई स्कूल व इंटर की परीक्षा दे रहे हजारों छात्रों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है। विलंब से पंजीकरण जमा कराने वाले विद्यालयों पर एकल खंडपीठ के सख्त रुख से यह स्थिति उपजी है। उच्च न्यायालय ने विलंब से पंजीकरण आवेदन पत्र जमा करने वाले विद्यालयों के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पूरे मामले में लापरवाही का निर्धारण कर सचिव माध्यमिक शिक्षा ने 17 अप्रैल को पूर्ण ब्योरा तलब किया है। छात्र संशय में हैं कि कहीं उनके परिणाम रोक न दिया जाएं। उच्च न्यायालय के रुख के बाद भी माध्यमिक शिक्षा महकमा कुंभकर्णी निद्रा के आगोश में है।
विज्ञापन

उच्च न्यायालय की इलाहाबाद खंडपीठ ने यारत हुसैन द्वारा दाखिल याचिका संख्या 56037/2012 माध्यमिक शिक्षा महकमे के अधिकारियों के साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाई स्कूल व इंटर की परीक्षा दे रहे हजारों छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। न्यायमूर्ति अरुण टंडन की एकल खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए विलंब से पंजीकरण आवेदन पत्र जमा करने वाले को परीक्षा में शामिल होने से न केवल इनकार कर दिया है बल्कि माध्यमिक शिक्षा महकमे के अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार भी लटका दी है। न्यायालय ने माध्यमिक शिक्षा सचिव को हर स्तर पर लापरवाही करने वालों की जांच कर ब्योरा तलब किया है। न्यायालय के आदेश में उल्लेखित है कि बलिया में 229 विद्यालयों ने हाई स्कूल की परीक्षा का रजिस्ट्रेशन फार्म निर्धारित समयावधि में जमा नहीं किया है। इसी तरह जनपद में 68 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा का आवेदनपत्र समय पर जमा नहीं किया है। वहीं शासन ने निर्णय कर परीक्षा के ऐन पहले 50 हजार रुपये दंड के साथ पंजीकरण फार्म जमा कराने के निर्देश दिए थे। एकल खंडपीठ ने शासन के इस फैसले पर जिस तरह से तीखी टिप्पणी की है उसे देखते हुए महकमे के अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शिक्षा महकमे के अधिकारी उच्च न्यायालय के निर्देश पर कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब उच्च न्यायालय ने विलंब से पंजीकरण आवेदनपत्र जमा कराने वाले विद्यालय के छात्रों को हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति से इनकार कर दिया है तो क्या फिर इन छात्रों का परीक्षा में शामिल होना वैधानिक माना जा सकता है। इस सवाल पर डीआईओएस से लेकर विभागीय अधिकारी चुप्पी साध ले रहे हैं। कोर्ट के आदेश से परीक्षा में शामिल हजारों छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed