{"_id":"61410","slug":"Ballia-61410-57","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाजवाद के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे अंचलd अमर उजाला ब्यूरो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाजवाद के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे अंचलd अमर उजाला ब्यूरो
Ballia
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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बलिया/रामपुरकोड़रहा। उत्तर प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री स्व. शारदानंद अंचल ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष किया। समाज में समाजवादी विचारधाराओं के प्रसार के लिए जीवन भर लगे रहे और कभी हार नहीं मानी। विपक्ष भी उनकी कार्यशाली की सराहना करने में पीछे नहीं रहा। आज भी जिले में उनकी अनुपस्थिति लोगों खलती है।
व्यवस्था परिवर्तन के नाम से मशहूर स्व. शारदानंद अंचल आपातकाल के समय करीब 19 महीने जेल में रहे। छात्र युवा आंदोलन में अनेक बार जिला कारागार बलिया में कैद रहे। शिक्षा में अलख जगाते हुए सीयर विस क्षेत्र के अंतर्गत दर्जनों प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के साथ ही महाविद्यालयों का जाल बिछा दिया। यही नहीं अस्पताल बस डिपो तथा तहसील का निर्माण करा इतिहास रचा।
प्रदेश स्तर पर सपा संगठन में अध्यक्ष तथा महासचिव को सुशोभित किया। वे आजीवन गरीबों, मजलूमों के लिए संघर्ष करते रहे। कभी भी अपने स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। किसान, समाजसेवी तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही। इनका जन्म 19 जुलाई 1947 को सीयर विकास खंड के पशुहारी गांव में देवराज यादव व माता बंधई देवी के यहां हुआ था।
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अंचल ने स्नातक की शिक्षा जिले से ही उतीर्ण किया। उसके बाद प्रथम बाद सीयर विस क्षेत्र से1985 में दलित मजदूर किसान पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए। 1989 में जनता दल से विधायक चुने गए। 1993 के मध्यावधि चुनाव में सपा से विधायक बने। 2002 में समाजवादी पार्टी से दूसरी बार विधायक चुने गए। 1990-91 लोक निर्माण राज्यमंत्री रहे व 1993 में माध्यमिक व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री रहे। 1994 में पशुधन मत्यस्य पालन राज्य मंत्री रहे। 2003 में सहकारिता राज्य मंत्री रहे। 2005 में सहकारिता मंत्री स्वतंत्र प्रभार को सुशोभित किया। दो मई 2010 को गरीबों व मजलूमों के लिए संघर्ष करते हुए चिर निद्रा में सो गए। आज भी जिले के लोग श्री अंचल की कार्यशैली से प्रेरणा लेते हैं। उनके ही व्यक्तित्व के प्रभाव से उनके पुत्र जय प्रकाश अंचल बैरिया विस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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व्यवस्था परिवर्तन के नाम से मशहूर स्व. शारदानंद अंचल आपातकाल के समय करीब 19 महीने जेल में रहे। छात्र युवा आंदोलन में अनेक बार जिला कारागार बलिया में कैद रहे। शिक्षा में अलख जगाते हुए सीयर विस क्षेत्र के अंतर्गत दर्जनों प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के साथ ही महाविद्यालयों का जाल बिछा दिया। यही नहीं अस्पताल बस डिपो तथा तहसील का निर्माण करा इतिहास रचा।
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प्रदेश स्तर पर सपा संगठन में अध्यक्ष तथा महासचिव को सुशोभित किया। वे आजीवन गरीबों, मजलूमों के लिए संघर्ष करते रहे। कभी भी अपने स्वार्थ के लिए सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। किसान, समाजसेवी तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही। इनका जन्म 19 जुलाई 1947 को सीयर विकास खंड के पशुहारी गांव में देवराज यादव व माता बंधई देवी के यहां हुआ था।
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अंचल ने स्नातक की शिक्षा जिले से ही उतीर्ण किया। उसके बाद प्रथम बाद सीयर विस क्षेत्र से1985 में दलित मजदूर किसान पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए। 1989 में जनता दल से विधायक चुने गए। 1993 के मध्यावधि चुनाव में सपा से विधायक बने। 2002 में समाजवादी पार्टी से दूसरी बार विधायक चुने गए। 1990-91 लोक निर्माण राज्यमंत्री रहे व 1993 में माध्यमिक व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री रहे। 1994 में पशुधन मत्यस्य पालन राज्य मंत्री रहे। 2003 में सहकारिता राज्य मंत्री रहे। 2005 में सहकारिता मंत्री स्वतंत्र प्रभार को सुशोभित किया। दो मई 2010 को गरीबों व मजलूमों के लिए संघर्ष करते हुए चिर निद्रा में सो गए। आज भी जिले के लोग श्री अंचल की कार्यशैली से प्रेरणा लेते हैं। उनके ही व्यक्तित्व के प्रभाव से उनके पुत्र जय प्रकाश अंचल बैरिया विस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।