{"_id":"61298","slug":"Ballia-61298-57","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल्थरारोड में गहराया पीने के पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल्थरारोड में गहराया पीने के पानी का संकट
Ballia
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बिल्थरारोड। चिलचिलाती धूप और गर्मी में वृद्धि के साथ ही नगर क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने के आसार प्रबल हो गए हैं। विभिन्न वार्डों में लगे दर्जनों इंडिया मार्का हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं। वहीं, पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत डाक बंगले में आठ साल पूर्व बनी नई पानी टंकी से सरकारी लाल फीताशाही के चलते पेय जलापूर्ति अभीतक शुरू नहीं हो सकी है। ऐेसे में नागरिकों को पेयजल के लिए तरसना पड़ सकता है।
नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार है। विभिन्न वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे दर्जनों इंडिया मार्का हैंडपंप बेकार पड़े हैं। हैंडपंपों की मरम्मत की दिशा में प्रशासन उदासीन बना हुआ है। रामलीला मैदान, निवर्तमान चेयरमैन आवास, कनौजिया नगर, शास्त्री नगर, नौका पुरा समेत अनेक स्थानों पर लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। विद्यालयों में गड़े हैंडपंप खराब हैं। जिसके चलते मिड डे मिल का स्वाद चखने के बाद बच्चों को प्यास बुझाने के लिए यत्र-तत्र भटकना पड़ता है। पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत डाक बंगला में वर्ष 2007 में बनी साढ़े आठ लाख लीटर क्षमता की टंकी का लाभ पांच साल बाद भी नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है। अभीतक वर्ष 1980 में निर्मित नगर पंचायत प्रांगण में 1.35 लाख लीटर की पुरानी व जर्जर टंकी से जलापूर्ति की जाती है। पुरानी टंकी से आपूर्ति किया जाने वाला पानी दूषित होता है। जलापूर्ति के लिए बिछाए गए भूमिगत पाइप विभिन्न स्थानों पर टूट-फूटकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पाइपों का संबंद्ध नाले से हो गया है। जिसके चलते नागरिकों को दूषित जल सेवन को विवश होना पड़ता है। नई पानी टंकी की बोरिंग चार सौ 50 मीटर तक हुई है। सूत्रों की मानें तो नई टंकी से आर्सेनिक मुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। नई टंकी चालू करने के लिए एक अदद विद्युत मोटर की दरकार है। मोटर लगते ही जलापूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। इस संबंध में निवर्तमान चेयरमैन के स्तर से सांसद व निवर्तमान विधायक से उनकी निधि से मोटर लगाने की मांग की गई। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने एक फूटी कौड़ी तक नहीं दिया। यही स्थिति बरकरार रही तो पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा और लोग पानी के लिए तरस जाएंगे।
विज्ञापन
नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार है। विभिन्न वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे दर्जनों इंडिया मार्का हैंडपंप बेकार पड़े हैं। हैंडपंपों की मरम्मत की दिशा में प्रशासन उदासीन बना हुआ है। रामलीला मैदान, निवर्तमान चेयरमैन आवास, कनौजिया नगर, शास्त्री नगर, नौका पुरा समेत अनेक स्थानों पर लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। विद्यालयों में गड़े हैंडपंप खराब हैं। जिसके चलते मिड डे मिल का स्वाद चखने के बाद बच्चों को प्यास बुझाने के लिए यत्र-तत्र भटकना पड़ता है। पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत डाक बंगला में वर्ष 2007 में बनी साढ़े आठ लाख लीटर क्षमता की टंकी का लाभ पांच साल बाद भी नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है। अभीतक वर्ष 1980 में निर्मित नगर पंचायत प्रांगण में 1.35 लाख लीटर की पुरानी व जर्जर टंकी से जलापूर्ति की जाती है। पुरानी टंकी से आपूर्ति किया जाने वाला पानी दूषित होता है। जलापूर्ति के लिए बिछाए गए भूमिगत पाइप विभिन्न स्थानों पर टूट-फूटकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पाइपों का संबंद्ध नाले से हो गया है। जिसके चलते नागरिकों को दूषित जल सेवन को विवश होना पड़ता है। नई पानी टंकी की बोरिंग चार सौ 50 मीटर तक हुई है। सूत्रों की मानें तो नई टंकी से आर्सेनिक मुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। नई टंकी चालू करने के लिए एक अदद विद्युत मोटर की दरकार है। मोटर लगते ही जलापूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। इस संबंध में निवर्तमान चेयरमैन के स्तर से सांसद व निवर्तमान विधायक से उनकी निधि से मोटर लगाने की मांग की गई। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने एक फूटी कौड़ी तक नहीं दिया। यही स्थिति बरकरार रही तो पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा और लोग पानी के लिए तरस जाएंगे।
विज्ञापन