{"_id":"599f1ed44f1c1b38268b4a11","slug":"81503600340-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास कायोऱं् में अनियमितता पर सचिव निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास कायोऱं् में अनियमितता पर सचिव निलंबित
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। सीडीओ ने विकास कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर रसड़ा ब्लाक के रोहना ग्राम पंचायत के सचिव को निलंबित कर दिया है। साथ ही डीपीआरओ को विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही ग्राम पंचायत में दुरुपयोग हुई धनराशि की रिकवरी भी सचिव तथा प्रधान से करने को कहा है। सीडीओ की इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मची है।
बताया जाता है कि 2015-16 में रसड़ा ब्लाक के रोहना गांव का चयन लोहिया ग्रामीण विकास योजना के तहत किया गया। इसके तहत विभिन्न योजनाओं के तहत विकास कार्य के लिए ग्राम पंचायत को धनराशि उपलब्ध कराई गई। गांव के ही राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने करीब एक माह पहले मुख्यमंत्री, विभिन्न मंत्रियों, जिले के प्रभारी मंत्री तथा डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव के विकास कार्योँ में धांधली की जांच की मांग की थी। मंत्री तथा अधिकारियों की ओर से जांच के लिए निर्देश दिया गया। कुछ दिनों पहले सिंह ने सीडीओ को शिकायती पत्र देकर बताया आला अफसरों तथा मंत्रियों के निर्देश के बावजूद पीडी तथा लेखपाल ने गांव में पहुंचकर केवल कोरम किया। उन्होंने सीडीओ से जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। चार दिन पहले सीडीओ ने शिकायती पत्र के बिंदुवार कार्यों की जांच की और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई। इसमें बिना पौधे लगाए 2.43 लाख का आहरण, 65 शौचालयों के सापेक्ष एक का भी निर्माण पूरा नहीं, कई निर्माण कार्य मौके पर नहीं मिले और फर्जी तरीके से भुगतान किया गया, सोलर लाइट और हैंडपम्प सार्वजनिक स्थानों पर न लगाकर व्यक्तिगत मकानों पर लगे मिले। इसके लिए सीडीओ ने सचिव अच्छेलाल को जिम्मेदार मानते हुए निलंबित करने और दुरुपयोग हुई धनराशि की रिकवरी प्रधान व सचिव से करने का आदेश डीपीआरओ को दिया है।
कोट
रोहना गांव के विकास कार्यों की जांच की गई और बड़े पैमाने पर अनियमिता मिली है। इस मामले में सचिव को निलंबित करने और दुरुपयोग की गई धनराशि वसूली का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
संतोष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
बताया जाता है कि 2015-16 में रसड़ा ब्लाक के रोहना गांव का चयन लोहिया ग्रामीण विकास योजना के तहत किया गया। इसके तहत विभिन्न योजनाओं के तहत विकास कार्य के लिए ग्राम पंचायत को धनराशि उपलब्ध कराई गई। गांव के ही राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने करीब एक माह पहले मुख्यमंत्री, विभिन्न मंत्रियों, जिले के प्रभारी मंत्री तथा डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव के विकास कार्योँ में धांधली की जांच की मांग की थी। मंत्री तथा अधिकारियों की ओर से जांच के लिए निर्देश दिया गया। कुछ दिनों पहले सिंह ने सीडीओ को शिकायती पत्र देकर बताया आला अफसरों तथा मंत्रियों के निर्देश के बावजूद पीडी तथा लेखपाल ने गांव में पहुंचकर केवल कोरम किया। उन्होंने सीडीओ से जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। चार दिन पहले सीडीओ ने शिकायती पत्र के बिंदुवार कार्यों की जांच की और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई। इसमें बिना पौधे लगाए 2.43 लाख का आहरण, 65 शौचालयों के सापेक्ष एक का भी निर्माण पूरा नहीं, कई निर्माण कार्य मौके पर नहीं मिले और फर्जी तरीके से भुगतान किया गया, सोलर लाइट और हैंडपम्प सार्वजनिक स्थानों पर न लगाकर व्यक्तिगत मकानों पर लगे मिले। इसके लिए सीडीओ ने सचिव अच्छेलाल को जिम्मेदार मानते हुए निलंबित करने और दुरुपयोग हुई धनराशि की रिकवरी प्रधान व सचिव से करने का आदेश डीपीआरओ को दिया है।
विज्ञापन
कोट
रोहना गांव के विकास कार्यों की जांच की गई और बड़े पैमाने पर अनियमिता मिली है। इस मामले में सचिव को निलंबित करने और दुरुपयोग की गई धनराशि वसूली का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
संतोष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी