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Ballia News: पनीर के 73 में से 66 नमूने फेल
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जिले में बड़े पैमाने पर पनीर में मिलावट का खेल जारी है। इसकी पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में हुई है। विभाग की टीम ने एक अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 73 पनीर के नमूने लिए थे। इनकी जांच रिपोर्ट आ चुकी है। जांच रिपोर्ट में 66 नमूने फेल पाए गए हैं। इनमें 61 नमूने अधोमानक और पांच नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिले हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों पर अभियान चलाकर दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेता है। फिर इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। वैवाहिक आयोजनों में बड़े पैमाने पर पनीर की खपत होती है। वहीं अप्रैल 2026 से जुलाई तक कुल 10 पनीर के नमूने लिए इनकी रिपोर्ट भी आ चुकी है। इसमें से छह नमूने फेल हुए हैं। मात्र चार नमूने ही पास हुए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 2025-26 के 61 और 2026-27 के छह नमूने अधोमानक मिलने पर सजा के निर्धारण के लिए रिपोर्ट एडीएम प्रशासन की कोर्ट में दाखिल की गई है। वहीं पांच नमूने जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए थे उन्हें सीजीएम कोर्ट में दाखिल की गई है। इन मामलों में दोनों कोर्ट से सजा का निर्धारण किया जाएगा।
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सुशील कुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि त्योहारों पर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। क्योंकि उस समय मिठाई और पनीर आदि की बिक्री तेज हो जाती है। शासन के निर्देश पर हमारी ओर से अभियान चलाया जाता है। नमूने लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाती है। पनीर हो या फिर खोवा नमूने फेल होने पर हम उसकी ट्रेसिंग करते हैं और जहां से माल आता है। वहां पहुंचकर कार्रवाई करते हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों पर अभियान चलाकर दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेता है। फिर इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। वैवाहिक आयोजनों में बड़े पैमाने पर पनीर की खपत होती है। वहीं अप्रैल 2026 से जुलाई तक कुल 10 पनीर के नमूने लिए इनकी रिपोर्ट भी आ चुकी है। इसमें से छह नमूने फेल हुए हैं। मात्र चार नमूने ही पास हुए हैं।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 2025-26 के 61 और 2026-27 के छह नमूने अधोमानक मिलने पर सजा के निर्धारण के लिए रिपोर्ट एडीएम प्रशासन की कोर्ट में दाखिल की गई है। वहीं पांच नमूने जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए थे उन्हें सीजीएम कोर्ट में दाखिल की गई है। इन मामलों में दोनों कोर्ट से सजा का निर्धारण किया जाएगा।
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सुशील कुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि त्योहारों पर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। क्योंकि उस समय मिठाई और पनीर आदि की बिक्री तेज हो जाती है। शासन के निर्देश पर हमारी ओर से अभियान चलाया जाता है। नमूने लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाती है। पनीर हो या फिर खोवा नमूने फेल होने पर हम उसकी ट्रेसिंग करते हैं और जहां से माल आता है। वहां पहुंचकर कार्रवाई करते हैं।