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गाजे-बाजे व फूल मालाओं के साथ हुआ शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रा नंद सरस्वती का स्वागत
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:33 AM IST
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चिलकहर। जंगली बाबा धाम गड़वार पर चल रहे महारुद्र यज्ञ के सातवें दिन वाराणसी के श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज का आगमन हुआ। जिनका स्वागत करीब आधा दर्जन स्थानों पर गाजे-बाजे के साथ फूल मालाओं से किया गया। वहीं, जंगली बाबा धाम पर पहुंचते ही उनके शिष्य स्वामी परमानंद सरस्वती उर्फ उड़िया बाबा ने चरण पादुका पूजन अर्चन कर उनका स्वागत किया।
रविवार की शाम पहुंचे शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने सबसे पहले जंगली बाबा का दर्शन किया। इसके बाद यज्ञ मंडप की परिक्रमा किया और फिर रैन बसेरा में पहुंचे, जहां भक्तों ने भी उनका पूजन अर्चन किया। इस दौरान स्वामी जी को भक्तों ने फूल मालाओं से लाद दिया और ओम नम: शिवाय से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। उधर, महारुद्र यज्ञ में हो रहे प्रवचन के दौरान रसिक जी ने कहा कि इस कलयुग में मात्र एक भगवान राम नाम ही आधार है, बाकी सब बेकार है, जो स्मरण कर लिया वह कृतार्थ हो गया।
रविवार की शाम पहुंचे शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने सबसे पहले जंगली बाबा का दर्शन किया। इसके बाद यज्ञ मंडप की परिक्रमा किया और फिर रैन बसेरा में पहुंचे, जहां भक्तों ने भी उनका पूजन अर्चन किया। इस दौरान स्वामी जी को भक्तों ने फूल मालाओं से लाद दिया और ओम नम: शिवाय से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। उधर, महारुद्र यज्ञ में हो रहे प्रवचन के दौरान रसिक जी ने कहा कि इस कलयुग में मात्र एक भगवान राम नाम ही आधार है, बाकी सब बेकार है, जो स्मरण कर लिया वह कृतार्थ हो गया।
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