{"_id":"5a77550c4f1c1b2d068b4a02","slug":"61517769996-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश पर भी प्रधान सहायक रिलीव नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश पर भी प्रधान सहायक रिलीव नहीं
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में तैनात स्टेनों से स्थानांतरण के बाद भी कार्य लिया जा रहा है। हालांकि कोर्ट ने सीएमओ को उसे रिलीव काने का आदेश दिया है। लेकिन बावजूद इसके स्टेनो वहीं पर तैनात होकर कार्य कर रहा।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार के कारण लिपिक अवधेश कुमार गुप्ता, नीरज कुमार राय, अशोक कुमार सिंह, सच्चिदानंद सिंह, आनंद प्रकाश दुबे, सतीश कुमार मिश्रा, श्रीरामनिवास राम व प्रदीप श्रीवास्तव को शासन ने सितंबर 2017 में गैर जनपद स्थानांतरण कर दिया था। तत्पश्चात अक्तूबर माह में शासन ने 39 लिपिकों को सामूहिक स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया था। इसमें श्रीरामनिवास राम व सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक ने उच्च न्यायालय में वाद योजित किया। जिसमें कोर्ट ने प्रत्यावेदन निस्तारण के लिए शासन को निर्देशित किया। जिसके अनुपालन में निदेशक प्रशासन ने सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक को रायबरेली व रामनिवास को आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया। लेकिन सीएमओ ने इन्हें अब तक रिलीव नहीं किया। वहीं 20 लिपिकों को सीएमओ रिलीव कर चुके है। जबकि बाहर से आए लिपिकों को सीएमओ द्वारा सुदूर तैनाती की जा रही है। सीएमओ कार्यालय में विपुल कुमार यादव व बृजेश सिंह पूर्व से स्टेनो के पद पर तैनात है। लेकिन सीएमओ प्रधान सहायक सच्चिदानंद सिंह से स्टेनो का कार्य संपादित करा रहे है।
इनसेट...
कोर्ट व शासन की मंशा के अनुरुप स्थानांतरित सभी लिपिकों को रिलीव कर दिया गया है। इसमें से कुछ लिपिकों से चार्ज भी ले लिया गया है। जबकि शेष बचे लिपिकों से रिलीवर न होने के चलते काम लिया जा रहा है। रिलीवर मिलते ही इनसे भी चार्ज लेकर कार्य से मुक्त कर दिया जाएगा। अब तक 47 में से मात्र 11 रिलीवर ही मिले हैं।
विज्ञापन
डा. एसपी राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार के कारण लिपिक अवधेश कुमार गुप्ता, नीरज कुमार राय, अशोक कुमार सिंह, सच्चिदानंद सिंह, आनंद प्रकाश दुबे, सतीश कुमार मिश्रा, श्रीरामनिवास राम व प्रदीप श्रीवास्तव को शासन ने सितंबर 2017 में गैर जनपद स्थानांतरण कर दिया था। तत्पश्चात अक्तूबर माह में शासन ने 39 लिपिकों को सामूहिक स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया था। इसमें श्रीरामनिवास राम व सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक ने उच्च न्यायालय में वाद योजित किया। जिसमें कोर्ट ने प्रत्यावेदन निस्तारण के लिए शासन को निर्देशित किया। जिसके अनुपालन में निदेशक प्रशासन ने सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक को रायबरेली व रामनिवास को आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया। लेकिन सीएमओ ने इन्हें अब तक रिलीव नहीं किया। वहीं 20 लिपिकों को सीएमओ रिलीव कर चुके है। जबकि बाहर से आए लिपिकों को सीएमओ द्वारा सुदूर तैनाती की जा रही है। सीएमओ कार्यालय में विपुल कुमार यादव व बृजेश सिंह पूर्व से स्टेनो के पद पर तैनात है। लेकिन सीएमओ प्रधान सहायक सच्चिदानंद सिंह से स्टेनो का कार्य संपादित करा रहे है।
विज्ञापन
इनसेट...
कोर्ट व शासन की मंशा के अनुरुप स्थानांतरित सभी लिपिकों को रिलीव कर दिया गया है। इसमें से कुछ लिपिकों से चार्ज भी ले लिया गया है। जबकि शेष बचे लिपिकों से रिलीवर न होने के चलते काम लिया जा रहा है। रिलीवर मिलते ही इनसे भी चार्ज लेकर कार्य से मुक्त कर दिया जाएगा। अब तक 47 में से मात्र 11 रिलीवर ही मिले हैं।
विज्ञापन
डा. एसपी राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी