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सतर्कता समिति भी दिखावा, पूर्व के अधिकारियों का नाम बरकरार

Tue, 11 Sep 2018 12:25 AM IST
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:25 AM IST
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सतर्कता समिति भी दिखावा, पूर्व के अधिकारियों का नाम बरकरार
बलिया। जिले में आपूर्ति व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए गांव से लेकर जिला स्तर तक 11 सदस्यीय सतर्कता समिति बनाई गई है। लेकिन यह भी कागजों तक ही सीमित रह गई है। आलम यह है कि महीनों पहले के स्थानांतरित अधिकारियों का नाम आज भी समिति में है। यहां तक कि करीब आठ माह पहले स्थानांतरित पूर्व जिलाधिकारी आज भी जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष बने हुए हैं। इससे सहज ही सरकारी अनाज को लेकर सतर्कता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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सरकार के लाख प्रयास के बावजूद जिले के अधिकारी सरकारी अनाज वितरण को लेकर उदासीन बने हुए हैं। आवंटन से लेकर वितरण तक नजर रखने के लिए बनी ब्लॉक से लेकर जिला स्तर सतर्कता समिति भी महज दिखावा बन कर रह गई है। आलम यह है कि महीनों पहले जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक बनी समिति ज्यों की त्यों है। नियम के मुताबिक ब्लॉक से लेकर जिले स्तर तक 11 सदस्यीय सतर्कता समिति बनाई गई। बतौर अध्यक्ष जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम का नाम अंकित है, जिनका स्थानांतरण करीब नौ माह पहले हो चुका है। डीएम की ओर से नामित अनुसूचित वर्ग के अधिकारी बतौर सदस्य बी राम का स्थानांतरण भी महीनों पहले हो चुका है। इतना ही नहीं बीएसए सुभाष गुप्ता भी अब जिले में नहीं हैं लेकिन यह भी समिति के सदस्य बने हुए हैं। डीपीओ राम भवन वर्मा भी समिति के सदस्य हैं जो महीनों पहले निलंबित हुए थे वर्तमान में डीपीओ नहीं हैं। सीएमओ अजय कुमार श्रीवास्तव करीब पांच माह से जिले के सीएमओ नहीं हैं लेकिन समिति में सदस्य हैं। यह तो महज उदाहरण भर जिले के सभी ब्लाकों में बनी सतर्कता समिति में भी महीनों पहले तैनात रहे अधिकारियों का नाम अंकित है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में हर महीने होने वाले अनाज के उठान व वितरण को लेकर सतर्कता समिति कितना गंभीर है।
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डीएसओ केजी पांडेय ने बताया कि कुछ कोटे की दुकानों पर सतर्कता समिति का गठन नहीं होने के मामले में संबंधित पूर्ति निरीक्षकों से रिपोर्ट मंगाई गई है। पूर्व के अधिकारियों का नाम परिवर्तित करने का काम एनआईसी के माध्यम से ही होता है लिहाजा समय-समय पर सूचना एनआईसी को भेजी जाती है, यह लापरवाही वहीं से हुई है। इसे दुरुस्त कराने के लिए एनआईसी को पत्र भेजा जाएगा।
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