{"_id":"59e4f3e34f1c1bda538b7b72","slug":"51508176867-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओझवलिया गांव में बैठक बुलाक खुद ही नहीं पहुंचे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओझवलिया गांव में बैठक बुलाक खुद ही नहीं पहुंचे अफसर
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। जनपद के सांसद आदर्श ग्राम ओझवलिया में राशन दूकान के चयन के लिए होने वाली आवश्यक बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच अधिकारियों का न आना प्रशासनिक तंत्र पर सवालिया निशान है। इसके कारण सैकड़ों ग्रामीणों को मायूस होकर लौटना पड़ा, जो जरूरी कार्य से विरत होकर बैठक में शामिल होने आए थे! मामला इसलिए भी गंभीर है कि बात सांसद आदर्श गांव का है।
ज्ञात हो कि सांसद आदर्श गांव ओझवलिया के राशन दुकानदार की पिछले साल नौकरी लग जाने की वजह से इस गांव की दूकान बगल के रामपुर टिटिही गांव के दुकानदार के यहां से अटैच कर दी गई। ग्रामीणों को करीबन 3 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर राशन लाना पड़ता था। इसके लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित कई जगह पत्र लिखकर गांव में राशन की दूकान आवंटित करने की मांग की थी। जिसको संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने पर्यवेक्षक तैनात करते हुए सोमवार के दिन ओझवलिया में राशन की दुकानदार के चयन के लिए बैठक निर्धारित की थी। निर्धारित समय से 10 बजे स्कूल पर सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति के बावजूद किसी अधिकारी कर्मचारी एवं ग्राम प्रधान के न पहुंचने के कारण लोगों को मायूस होकर बैरंग वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में राशन की दुकानदार के चयन के लिए हम लोगों को प्राथमिक विद्यालय पर बुलाकर इस तरह अधिकारियों को बेइज्जत नहीं करना चाहिए था । बैठक में आने वालों में मुख्य रुप से गोपाल कृष्ण पांडेय, जयदयाल पांडेय, जनार्दन तिवारी आदि लोग रहे।
विज्ञापन
ज्ञात हो कि सांसद आदर्श गांव ओझवलिया के राशन दुकानदार की पिछले साल नौकरी लग जाने की वजह से इस गांव की दूकान बगल के रामपुर टिटिही गांव के दुकानदार के यहां से अटैच कर दी गई। ग्रामीणों को करीबन 3 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर राशन लाना पड़ता था। इसके लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित कई जगह पत्र लिखकर गांव में राशन की दूकान आवंटित करने की मांग की थी। जिसको संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने पर्यवेक्षक तैनात करते हुए सोमवार के दिन ओझवलिया में राशन की दुकानदार के चयन के लिए बैठक निर्धारित की थी। निर्धारित समय से 10 बजे स्कूल पर सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति के बावजूद किसी अधिकारी कर्मचारी एवं ग्राम प्रधान के न पहुंचने के कारण लोगों को मायूस होकर बैरंग वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में राशन की दुकानदार के चयन के लिए हम लोगों को प्राथमिक विद्यालय पर बुलाकर इस तरह अधिकारियों को बेइज्जत नहीं करना चाहिए था । बैठक में आने वालों में मुख्य रुप से गोपाल कृष्ण पांडेय, जयदयाल पांडेय, जनार्दन तिवारी आदि लोग रहे।
विज्ञापन