{"_id":"5c7190c7bdec22738e36bc29","slug":"41550946503-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह दुकानदारों का स्थाई रूप से है लाइसेंस प्राप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह दुकानदारों का स्थाई रूप से है लाइसेंस प्राप्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। सुरक्षा उपायों को दनकिनार कर पटाखा बनाने वाले खुद तो जान जोखिम में डाल ही रहे, आसपास के लोग भी इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं। शादी ब्याह के सीजन में पटाखों की मांग रहती है, इसके बाद दीपावली आदि त्योहारों पर भी पटाखों की मांग को देखते हुए अवैध रूप से पटाखा बनाने के कारखाने सक्रिय रहते हैं। ऐसी ही लापरवाही में जनपद भदोही के रोटहां गांव में पटाखा गोदाम में विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई। हालांकि जनपद में प्रशासन का कहना है कि कहीं भी अवैध रूप से पटाखों का भंडारण नहीं है। अग्निशमन विभाग द्वारा स्थाई आतिशबाजी/ निर्माणकर्ता, थोक भंडारण एवं विक्रेता के छह दुकानदारों को लाइसेंस दिया है। इसमें तीन दुकानदार निर्माणकर्ता व विक्रेता हैं। जबकि तीन दुकानदार तैयार पटाखों के विक्रेता हैं। इसमें से एक दुकान वर्तमान में बंद है। वही अस्थाई रूप से बेचने वाले दुकानदारों को दीपावली पर्व पर लाइसेंस नगर में सिटी मजिस्ट्रेट तथा तहसील में संबंधित एसडीएम द्वारा दिया जाता है। हालांकि विभाग ने भदोही घटना पर अभियान चलाने की बात कही है।
मुख्य अग्निशमन विभाग के मुताबिक जनपद में कुल छह दुकानदारों को स्थायी रूप से लाइसेंस प्राप्त है। जिसमें हल्दी थाना के रेपुरा निवासी मु. इद्रीश , सिकंदरपुर निवासी छेदी मियां एवं सुखपुरा निवासी मु. इद्रीश को निर्माणकर्ता व विक्रेता का लाइसेंस है। जबकि शहर कोतवाली के काशीपुर नई बस्ती निवासी परशुराम प्रसाद की दुकान कदम चौराहा, ओक्डेनगंज लक्ष्मी मार्केट निवासी मु. एजाज की दुकान जलालपुर तथा ओक्डेनगंज लक्ष्मी मार्केट निवासी परवेज अहमद की दुकान मिश्रनेउरी में है। लेकिन परवेज अहमद की दुकान वर्तमान में बंद है। शेष दुकानदारों को स्थाई रूप से तैयार पटाखा बेचने का लाइसेंस प्राप्त है। अग्निशमन विभाग के आकड़ों पर गौर करे तो जिले में अग्निशमन की छोटी-बड़ी कुल 18 गाड़िया है। जिसमें बड़ी पांच, छोटी पांच, बोलेरो पांच व हाईप्रेशर तीन गाड़ियां हैं। लेकिन चालक मात्र चार हैं। ऐसे में वाहनों की अपेक्षा आधे से भी कम चालक मौजूद हैं। अगर ऐसे में अग्निकांड होता है तो चालक के अभाव में वाहनों को घटना स्थल तक ले जाने में मुश्किल होगी। इस बाबत मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने बताया कि पांच सालों के अंदर जिले में कोई अभी अप्रिय घटना नहीं हुई है।
विज्ञापन
मुख्य अग्निशमन विभाग के मुताबिक जनपद में कुल छह दुकानदारों को स्थायी रूप से लाइसेंस प्राप्त है। जिसमें हल्दी थाना के रेपुरा निवासी मु. इद्रीश , सिकंदरपुर निवासी छेदी मियां एवं सुखपुरा निवासी मु. इद्रीश को निर्माणकर्ता व विक्रेता का लाइसेंस है। जबकि शहर कोतवाली के काशीपुर नई बस्ती निवासी परशुराम प्रसाद की दुकान कदम चौराहा, ओक्डेनगंज लक्ष्मी मार्केट निवासी मु. एजाज की दुकान जलालपुर तथा ओक्डेनगंज लक्ष्मी मार्केट निवासी परवेज अहमद की दुकान मिश्रनेउरी में है। लेकिन परवेज अहमद की दुकान वर्तमान में बंद है। शेष दुकानदारों को स्थाई रूप से तैयार पटाखा बेचने का लाइसेंस प्राप्त है। अग्निशमन विभाग के आकड़ों पर गौर करे तो जिले में अग्निशमन की छोटी-बड़ी कुल 18 गाड़िया है। जिसमें बड़ी पांच, छोटी पांच, बोलेरो पांच व हाईप्रेशर तीन गाड़ियां हैं। लेकिन चालक मात्र चार हैं। ऐसे में वाहनों की अपेक्षा आधे से भी कम चालक मौजूद हैं। अगर ऐसे में अग्निकांड होता है तो चालक के अभाव में वाहनों को घटना स्थल तक ले जाने में मुश्किल होगी। इस बाबत मुख्य अग्निशमन अधिकारी तबारक हुसैन ने बताया कि पांच सालों के अंदर जिले में कोई अभी अप्रिय घटना नहीं हुई है।
विज्ञापन