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दूसरे का धर्म अपनाने से होगा नैतिक पतन : रामाशंकर
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:49 PM IST
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दयाछपरा। क्षेत्र के ब्रह्मलीन संत इशानानंद सरस्वती पशुपति बाबा नाथ बाबा की 108 वीं जन्मोत्सव पर आयोजित सप्त दिवसीय शतचंडी यज्ञ के पांचवें दिन यज्ञ स्थल पर क्षेत्र के नर नारियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
शाम को प्रवचन में बिहार राज्य के धर्म संघ अध्यक्ष पंडित रामाशंकर शास्त्री ने बताया कि स्वधर्म के द्वारा इंसान अपने को आगे बढ़ा सकता है। किसी भी दूसरे धर्म का नकल करने उसका उत्थान नहीं हो सकता। आज कई तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, जिससे भारतीय जनमानस का नैतिक पतन होना निश्चित है। बताया कि स्वधर्म पालन से मनुष्य यश के साथ साथ ईश्वर को भी प्राप्त कर सकता है। अगर जीव अपने कर्तव्य के साथ साथ कुल धर्म अपनाते रहे तो मोक्ष उससे दूर नहीं है। बताया कि रावण राक्षस और आततायी था। फिर भी प्रभु के धाम को गया। रावण के राक्षस होने के चलते प्रभु में प्रीत तो हो नहीं सकती थी। अंत में पशुपति नाथ बाबा धाम के महंत ध्रुवजी महाराज ने सारे आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर आनंद मोहन मिश्रा, श्रीराम मिश्र, संजय मिश्र, रामसाहू मिश्रा, हरेराम मिश्र, छन्नूलाल वर्मा, सुनील पांडेय, गुड्डू पांडेय, उपेंद्र सिंह आदि रहे।
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शाम को प्रवचन में बिहार राज्य के धर्म संघ अध्यक्ष पंडित रामाशंकर शास्त्री ने बताया कि स्वधर्म के द्वारा इंसान अपने को आगे बढ़ा सकता है। किसी भी दूसरे धर्म का नकल करने उसका उत्थान नहीं हो सकता। आज कई तरह के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, जिससे भारतीय जनमानस का नैतिक पतन होना निश्चित है। बताया कि स्वधर्म पालन से मनुष्य यश के साथ साथ ईश्वर को भी प्राप्त कर सकता है। अगर जीव अपने कर्तव्य के साथ साथ कुल धर्म अपनाते रहे तो मोक्ष उससे दूर नहीं है। बताया कि रावण राक्षस और आततायी था। फिर भी प्रभु के धाम को गया। रावण के राक्षस होने के चलते प्रभु में प्रीत तो हो नहीं सकती थी। अंत में पशुपति नाथ बाबा धाम के महंत ध्रुवजी महाराज ने सारे आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर आनंद मोहन मिश्रा, श्रीराम मिश्र, संजय मिश्र, रामसाहू मिश्रा, हरेराम मिश्र, छन्नूलाल वर्मा, सुनील पांडेय, गुड्डू पांडेय, उपेंद्र सिंह आदि रहे।
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