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रेगुलेटर के रिसाव से 300 एकड़ की फसल डूबी, ग्रामीण दहशत में
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:29 AM IST
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जयप्रकाशनगर (बलिया)। क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से कोड़रहा नौबरार का एक पूरवा बाढ़ की जद में आ गया है। गंगा के जलस्तर का दबाव बढ़ने से बैरिया संसार टोला बांध पर बाबू के डेरा गांव के सामने रेगुलेटर से रिसाव होने से पानी से करीब 300 एकड़ की फसल डूब गई है। इसको लेकर आसपास के गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं।
गंगा नदी का दबाव बंधे पर न हो इसके लिए बाढ़ विभाग द्वारा एक चार गेट वाला रेगुलेटर का निर्माण कराया गया है। लेकिन इस रेगुलेटर के मरम्मत हुए कई वर्ष हो चले हैं जिससे रेगुलेटर के चारो गेट पूर्ण रूप से बंद नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते गंगा का जलस्तर बढ़ते ही रेगुलेटर से रिसाव शुरू हो गया। लगातार हो रहे पानी के रिसाव से बंधे के भीतर के किसानों के करीब 300 एकड़ फसल डूब चुकी है और बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। वैसे उस स्थान पर दिन-रात नजर रखी जा रही है, फिर भी लोग भयभीत हैं। हर दिन उसकी स्थिति को देखने गांव से भी सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं। क्षेत्र की ग्राम प्रधान रूबी सिंह, दशरथ यादव, शामू ठाकुर, संजय सिंह, राजदेव सिंह आदि का कहना है कि यह स्थिति करीब चार वर्षों से हो रही है और इस बाबत कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं। लेकिन बाढ़ विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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गंगा नदी का दबाव बंधे पर न हो इसके लिए बाढ़ विभाग द्वारा एक चार गेट वाला रेगुलेटर का निर्माण कराया गया है। लेकिन इस रेगुलेटर के मरम्मत हुए कई वर्ष हो चले हैं जिससे रेगुलेटर के चारो गेट पूर्ण रूप से बंद नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते गंगा का जलस्तर बढ़ते ही रेगुलेटर से रिसाव शुरू हो गया। लगातार हो रहे पानी के रिसाव से बंधे के भीतर के किसानों के करीब 300 एकड़ फसल डूब चुकी है और बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। वैसे उस स्थान पर दिन-रात नजर रखी जा रही है, फिर भी लोग भयभीत हैं। हर दिन उसकी स्थिति को देखने गांव से भी सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं। क्षेत्र की ग्राम प्रधान रूबी सिंह, दशरथ यादव, शामू ठाकुर, संजय सिंह, राजदेव सिंह आदि का कहना है कि यह स्थिति करीब चार वर्षों से हो रही है और इस बाबत कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं। लेकिन बाढ़ विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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