बलिया। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त सघन चेकिंग अभियान चलाया। स्टेशन से गुजरने वाली डाउन गरीब नवाज के स्लीपर बोगी से बैग में रखे 400 कछुए बरामद हुए। उसके मालिक की तलाश करने के बाद भी पता नहीं चल सका। जवान सभी बैग को थाना लेकर आए। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बैग के अंदर जूट के बोरे में कछुआ और उसके ऊपर कपड़ा रखा हुआ था। जीआरपी ने वन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर सभी कछुआ उनके सुपुर्द कर दिया।
बलिया-छपरा रूट पर ट्रेनों के संचालन शुरू होने के बाद तस्कर सक्रिय हो गए हैं। वह बोगियों में यात्री सामानों के बीच प्रतिबंधित सामान रखकर सुरक्षित बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों को पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं। मंगलवार की दोपहर बाद दो घंटे विलंब से पहुंची डाउन गरीब नवाज एक्सप्रेस में आरपीएफ और जीआरपी चेकिंग अभियान चलाया। स्लीपर बोगियों में सीटों के नीचे एक दर्जन लावारिस बैग मिले। उनके मालिक की तलाश करने के बाद भी जानकारी नहीं हुई। बैग को ट्रेन के नीचे उतार दिया। उन बैगों से गंध आने पर खोलकर चेक किया तो बोरे में कछुए रखे गए थे। वन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उन्हें सुपुर्द कर दिया। वन विभाग के दरोगा अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि कछुए की कीमत करीब छह लाख रुपये होगी। पूर्वोत्तर राज्यों में सौंदर्य प्रसाधन, तांत्रिक, सेक्सवर्धक दवाएं बनाने में कछुआ का प्रयोग होता है। बताया कि इसे सुरहाताल में छोड़ा जाएगा।