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तत्कालीन दो प्रधान व सचिवों से होगी 39172 रुपये की वसूली
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बलिया। ग्राम पंचायतों में प्रशासक के कार्यकाल में हुई मनमानी के मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है। दो गांवों के तत्कालीन प्रधान व सचिवों से कुल 39172 रुपये की वसूली की जाएगी। डीपीआरओ ने इस बाबत संबंधित ब्लॉक के बीडीओ को कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किया है।
वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत चुनाव के पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रशासक की तैनाती की गई थी। शासन की ओर से इस दौरान एक दिसंबर 2021 से 31 मई 2021 के बीच गांवों में कराए गए विकास कार्यों के सापेक्ष पीएफएमएस से 25 गांवों में काफी अधिक व्यय होने की बात सामने आई। इस मामले की जांच अलग-अलग अधिकारियों से कराई गई जिसमें कुल 22 गांवों में अनियमितताएं मिली। इसमें नौ गांवों के सचिव ग्राम पंचायत अधिकारी रहे तो 13 गांवों के सचिव ग्राम विकास अधिकारी रहे। सभी मामलों की जांच सीडीओ के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों ने की थी। इसमें अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है। नगरा ब्लॉक के गोठवा ग्राम पंचायत की जांच एडीपीआरओ व जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने की थी। टीम ने तत्कालीन प्रधान रीता व सचिव दिनेश सिंह से कुल 19530 रुपये की वसूली की संस्तुति की थी। दोनों से आधी-आधी धनराशि की वसूली का आदेश हो चुका है। इसी तरह सोहांव ब्लॉक के भरौली ग्राम पंचायत की जांच अपर संख्याधिकारी आनंद चौरसिया ने की थी। कुल 19642 रुपये की वसूली तत्कालीन प्रधान चिंटू देवी व सचिव नवीन कुुर से करने की संस्तुति की थी। दोनों से आधी-आधी धनराशि वसूल करने का आदेश हुआ है। डीपीआरओ ने संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है।
प्रशासक के कार्यकाल में पीएफएमएस पर अधिक भुगतान मामले की जांच कराई गई थी। दो गांवों के तत्कालीन प्रधान व सचिव से वसूली को लेकर कार्रवाई शुुरु की गई है।
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- एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत चुनाव के पूर्व ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रशासक की तैनाती की गई थी। शासन की ओर से इस दौरान एक दिसंबर 2021 से 31 मई 2021 के बीच गांवों में कराए गए विकास कार्यों के सापेक्ष पीएफएमएस से 25 गांवों में काफी अधिक व्यय होने की बात सामने आई। इस मामले की जांच अलग-अलग अधिकारियों से कराई गई जिसमें कुल 22 गांवों में अनियमितताएं मिली। इसमें नौ गांवों के सचिव ग्राम पंचायत अधिकारी रहे तो 13 गांवों के सचिव ग्राम विकास अधिकारी रहे। सभी मामलों की जांच सीडीओ के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों ने की थी। इसमें अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है। नगरा ब्लॉक के गोठवा ग्राम पंचायत की जांच एडीपीआरओ व जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने की थी। टीम ने तत्कालीन प्रधान रीता व सचिव दिनेश सिंह से कुल 19530 रुपये की वसूली की संस्तुति की थी। दोनों से आधी-आधी धनराशि की वसूली का आदेश हो चुका है। इसी तरह सोहांव ब्लॉक के भरौली ग्राम पंचायत की जांच अपर संख्याधिकारी आनंद चौरसिया ने की थी। कुल 19642 रुपये की वसूली तत्कालीन प्रधान चिंटू देवी व सचिव नवीन कुुर से करने की संस्तुति की थी। दोनों से आधी-आधी धनराशि वसूल करने का आदेश हुआ है। डीपीआरओ ने संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ को कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है।
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प्रशासक के कार्यकाल में पीएफएमएस पर अधिक भुगतान मामले की जांच कराई गई थी। दो गांवों के तत्कालीन प्रधान व सचिव से वसूली को लेकर कार्रवाई शुुरु की गई है।
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- एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ