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कर्मचारियों के भोजन के नाम पर नगर पालिका ने किया 57 हजार का बंदरबांट
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:40 PM IST
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बलिया। नगर पालिका अध्यक्ष के कैंप कार्यालय पर रविवार की देर रात उस समय हंगामा मच गया, जब महावीरी झंडा जुलूस में लगे कर्मचारियों को भोजन नसीब नहीं हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर हंगामा करने के साथ ही ईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दरम्यान सभासद शकील अहमद आरोप लगाया कि कर्मियों के भोजन के लिए कुल 57 हजार रुपये का बजट तैयार किया गया था। जिसे नगर पालिका के एकाउंटेंट ने अपने नाम से आहरित किया। बावजूद जुलूस में लगे कर्मचारियों को भोजन नहीं कराया गया। उन्होंने धन के बंटरबाट का भी आरोप लगाया है।
गौरतलब हो कि रविवार को नगर पालिका प्रशासन की देखरेख में पूरे नगर में विभिन्न अखाड़ों से महावीरी झंडा जूलस निकला था। कार्यक्रम को सकुुशल संपन्न कराने के लिए नगर पालिका की तरफ से अलग-अलग सोर्स से कर्मचारी भी लगाए गए थे। सभासद शकील अहमद की माने तो जुलूस में लगे कर्मचारियों को नगर पालिका की तरफ से भोजन भी कराना था और इसके लिए करीब 57 हजार रुपये का बजट भी जारी हुआ था। इसके बाद कर्मचारी अपनी-अपनी ड्यूटी पर लगे रहे। रात के वक्त महावीरी झंडा जूलुस कार्यक्रम खत्म करने के बाद जब कर्मचारी कैंप कार्यालय पर भोजन के लिए पहुंचे तो वहां कर्मचारियों को भोजन नसीब नहीं हुआ और उन्हें बिना भोजन के ही वापस होना पड़ा। इस संबंध में नगर पालिका चेयरमैन अजय कुमार का कहना है कि कार्यालय पर कर्मचारियों को भोजन दिया गया है। किसी तरह का कोई हंगामा नहीं हुआ है। सभासदों का काम ही है आरोप लगाना, पहले सिद्ध तो करके दिखाए।
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गौरतलब हो कि रविवार को नगर पालिका प्रशासन की देखरेख में पूरे नगर में विभिन्न अखाड़ों से महावीरी झंडा जूलस निकला था। कार्यक्रम को सकुुशल संपन्न कराने के लिए नगर पालिका की तरफ से अलग-अलग सोर्स से कर्मचारी भी लगाए गए थे। सभासद शकील अहमद की माने तो जुलूस में लगे कर्मचारियों को नगर पालिका की तरफ से भोजन भी कराना था और इसके लिए करीब 57 हजार रुपये का बजट भी जारी हुआ था। इसके बाद कर्मचारी अपनी-अपनी ड्यूटी पर लगे रहे। रात के वक्त महावीरी झंडा जूलुस कार्यक्रम खत्म करने के बाद जब कर्मचारी कैंप कार्यालय पर भोजन के लिए पहुंचे तो वहां कर्मचारियों को भोजन नसीब नहीं हुआ और उन्हें बिना भोजन के ही वापस होना पड़ा। इस संबंध में नगर पालिका चेयरमैन अजय कुमार का कहना है कि कार्यालय पर कर्मचारियों को भोजन दिया गया है। किसी तरह का कोई हंगामा नहीं हुआ है। सभासदों का काम ही है आरोप लगाना, पहले सिद्ध तो करके दिखाए।
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