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लेखपालों के आंदोलन को कर्मचारी संगठनों का मिला समर्थन
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:04 AM IST
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बलिया। उप्र लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर कलेक्ट्रेट में सात सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरना के पांचवें दिन विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी लेखपालों को समर्थन दिया। उनकी मांगों को जायज बताते हुए कदम से कदम मिलाकर आंदोलन के हर मोर्चे पर सहयोग करते रहने का भरोसा दिलाया।
सभा को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि लेखपाल संघ की मांगें जायज हैं, उनकी मांगों को मानकर प्रदेश की सरकार उसे पूरा कराने के लिए शासनादेश जारी करे। ताकि कई दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो सके। अन्यथा की स्थिति में प्राथमिक शिक्षक संघ प्रत्येक स्तर पर लेखपालों के आंदोलन को समर्थन करेगा। कर्मचारी नेता बलवंत कुमार सिंह ने कहा कि ये तानाशाही सरकार लेखपालों के जायज मांगों को नहीं मान रही है। जो 2014 से ही लंबित है, उसे पूरा करने की जगह लेखपालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अगर जल्द ही मांगे नहीं मान ली गईं तो जिले के सभी कार्यालयों पर ताला लगाकर कर्मचारी लेखपालों के धरने पर बैठने का कार्य करेंगे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि प्रदेश की सरकार लेखपालों का दमन करना चाहती है। जबकि लेखपाल लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेखपाल संघ का प्रत्येक सदस्य अपनी जायज मांगों को लेकर किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर जिला मंत्री छट्ठू यादव, शैलेंद्र सिंह, देवेंद्र नाथ राय, विजेंद्र नाथ राय, अरूण कुमार सिंह, सुधीर पांडेय, दिलीप सिंह, चौधरी विजय कुमार, चुनमुन प्रसाद, अशोक वर्मा, निर्भय सिंह, हरिकेश सिंह, केदारनाथ पांडेय, रामवृक्ष चौहान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राजाराम सिंह तथा संचालन विनय दूबे ने किया।
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सभा को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि लेखपाल संघ की मांगें जायज हैं, उनकी मांगों को मानकर प्रदेश की सरकार उसे पूरा कराने के लिए शासनादेश जारी करे। ताकि कई दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो सके। अन्यथा की स्थिति में प्राथमिक शिक्षक संघ प्रत्येक स्तर पर लेखपालों के आंदोलन को समर्थन करेगा। कर्मचारी नेता बलवंत कुमार सिंह ने कहा कि ये तानाशाही सरकार लेखपालों के जायज मांगों को नहीं मान रही है। जो 2014 से ही लंबित है, उसे पूरा करने की जगह लेखपालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अगर जल्द ही मांगे नहीं मान ली गईं तो जिले के सभी कार्यालयों पर ताला लगाकर कर्मचारी लेखपालों के धरने पर बैठने का कार्य करेंगे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि प्रदेश की सरकार लेखपालों का दमन करना चाहती है। जबकि लेखपाल लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेखपाल संघ का प्रत्येक सदस्य अपनी जायज मांगों को लेकर किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर जिला मंत्री छट्ठू यादव, शैलेंद्र सिंह, देवेंद्र नाथ राय, विजेंद्र नाथ राय, अरूण कुमार सिंह, सुधीर पांडेय, दिलीप सिंह, चौधरी विजय कुमार, चुनमुन प्रसाद, अशोक वर्मा, निर्भय सिंह, हरिकेश सिंह, केदारनाथ पांडेय, रामवृक्ष चौहान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राजाराम सिंह तथा संचालन विनय दूबे ने किया।
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