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आठ गांवों के मनरेगा कार्यों की जांच का निर्देश
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:36 PM IST
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बलिया। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने शनिवार को विकास खंड नवानगर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों की पड़ताल के दौरान गड़बड़ी मिलने पर डीएम ने टीम गठित करते हुए ब्लॉक के आठ गांवों में कराए गए मनरेगा कार्यों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। इसको लेकर ब्लाक स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची है। बताया जाता है कि डीएम ने ब्लॉक पर पहुंचने के बाद कार्यालय की साफ-सफाई, अभिलेख व लेखा संबंधी कार्यों की जांच की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां की साफ-सफाई पर संतोष जताया लेकिन ब्लॉक परिसर मे सालों पहले बने आवासों के अधूरो होने के बाबत अधिकारियों व कर्मचारियों से सवाल किया लेकिन कोई भी सही जानकारी नहीं दे पाया। इस पर डीएम ने इस अधूरे कार्य को करनेवाली कार्यदायी संस्था व बजट आदि से संबंधित पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने विकास खंड के लेखा संबंधी अभिलेखों की भी जांच की। डीएम ने मनरेगा की समीक्षा के दौरान पाया कि कई गांवों में नियमानुसार कार्य नहीं कराए गए हैं। इसे देखते हुए उन्होंने टीम गठित कर ब्लॉक के आठ गांवों सीसोटार, भरथांव, चक पुरुषोत्तम, चकप्रेमा उर्फ भटवाचक, हड़सर, मझवलिया व सरियांव मनोवीर में मनरेगा के तहत हुए कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी शशिमौली मिश्रा, मनरेगा उपायुक्त उपेंद्र पाठक, बीडीओ चंद्रमोहन कन्नौजिया, एडीओ वीरेंद्र यादव, एपीओ सुमित सिंह आदि थे।
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