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जांच के नाम पर जबरन वसूली
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:10 PM IST
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हनुमानगंज। परिवहन विभाग एवं पुलिस महकमे के मिलीभगत से वाहनों का प्रदूषण चेक करने वाला गिरोह सक्रिय है। ऐसे में दोपहिया वाहनों से प्रदूषण प्रमाणपत्र के नाम पर बिना रसीद दिए ही 100 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे है। यही नहीं विरोध करने वाले बाइक सवारों के साथ बदसलूकी भी की जा रही। शिकायत के बाद भी महकमा चुप्पी साधे है।
बुधवार को नगर से सटे जीराबस्ती स्थित एआरटीओ कार्यालय और पुलिस चौकी के बीच में मारुति में सवार करीब सात-आठ की संख्या में बिना प्राधिकार पत्र के ही वाहनों को जबरिया रोककर प्रदूषण चेक करने के नाम पर 100 से 150 रुपये वसूले जा रहे थे। वाहन चालकों के विरोध जताने पर उनके साथ बदसलूकी भी की गई। यहां तक बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा गया। आलम यह रहा कि पुलिस और विभागीय लोगों को छोड़कर हर एक से पैसा वसूला गया। जबकि उन लोगाें से प्राधिकार पत्र मांगा गया तो उनका कहना था कि वह विभाग से अनुमति लेकर ही ऐसा कर रहे है। इससे पीड़ित शिक्षक कुर्बान खां, जगदीशपुर निवासी राजेंद्र, बहादुरपुर निवासी रमेश गोंड, करनई निवासी राधेमोहन राजभर, बसंतपुर निवासी अरुण ने बताया कि जांच तो ठीक है लेकिन जबरदस्ती या बदसलूकी किया जाना ठीक नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदूषण चेक करने के लिए लखनऊ से यह लोग आदेश लेकर आए है। लेकिन किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं कर सकते है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो निदेशालय को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दिया जाएगा।
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आंजनेय सिंह, एआरटीओ, बलिया
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बुधवार को नगर से सटे जीराबस्ती स्थित एआरटीओ कार्यालय और पुलिस चौकी के बीच में मारुति में सवार करीब सात-आठ की संख्या में बिना प्राधिकार पत्र के ही वाहनों को जबरिया रोककर प्रदूषण चेक करने के नाम पर 100 से 150 रुपये वसूले जा रहे थे। वाहन चालकों के विरोध जताने पर उनके साथ बदसलूकी भी की गई। यहां तक बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा गया। आलम यह रहा कि पुलिस और विभागीय लोगों को छोड़कर हर एक से पैसा वसूला गया। जबकि उन लोगाें से प्राधिकार पत्र मांगा गया तो उनका कहना था कि वह विभाग से अनुमति लेकर ही ऐसा कर रहे है। इससे पीड़ित शिक्षक कुर्बान खां, जगदीशपुर निवासी राजेंद्र, बहादुरपुर निवासी रमेश गोंड, करनई निवासी राधेमोहन राजभर, बसंतपुर निवासी अरुण ने बताया कि जांच तो ठीक है लेकिन जबरदस्ती या बदसलूकी किया जाना ठीक नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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प्रदूषण चेक करने के लिए लखनऊ से यह लोग आदेश लेकर आए है। लेकिन किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं कर सकते है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो निदेशालय को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दिया जाएगा।
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आंजनेय सिंह, एआरटीओ, बलिया