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नगर में विभिन्न वार्डो में डेंगू रोग ने पसारा पांव
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बलिया। डेंगू ने नगर में पांव पसार लिए हैं। सितंबर और अक्तूबर में कुल 30 रोगी डेंगू पाजिटिव पाए गए हैं। जिला अस्पताल में डेंगू के लक्षण वाले कई रोगी आ रहे हैं लेकिन यहां जांच की व्यवस्था तो है लेकिन इलाज का समुचित प्रबंध नहीं है। स्थिति यह है कि सितंबर में 91 में 12 और अक्तूबर में 232 मरीजों में 18 रोगी डेंगू पाजिटिव पाए गए।
नगर के काजीपुरा, विवेकानंद, बनकटा, आवास विकास कालोनी में कई लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। इसको लेकर आसपास के लोग भी भयभीत हैं। जिले में मलेरिया से निबटने की व्यवस्था तो है लेकिन डेंगू से इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं हैै। अगर कोई डेंगू का मरीज आया तो उसे जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। सितंबर में 91 मरीजों में 12 मरीज पाजिटिव पाए गए जबकि अक्तूबर में 232 मरीजों में 18 लोग डेंगू पाजिटिव पाए गए। वर्तमान में सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर दर्द व संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार काजीपुरा के असलम, बनकटा के गुलाब चंद्र, विवेकानंद कालोनी के लक्ष्मी वर्मा एवं आवास विकास कालोनी के गोपाल डेंगू रोग से पीड़ित हैं जिनका इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. मनोज कुमार ने बताया कि जिले में डेंगू रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच की व्यवस्था है लेकिन प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते डेंगू पीड़ितों को वाराणसी भेजना पड़ता है। । बताया कि चिकनगुनिया व डेंगू दोनों बीमारी मादा एडिस इंजिप्टी मच्छर के काटने से होती हैं। वे साफ पानी में पैदा होते है। इन मच्छरों के ऊपर धरियां होती है। ये तड़के सुबह और शाम के वक्त दिन निकलने पहले और दिन छुपने से पहले ज्यादा काटते है। जबकि मलेरिया एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। ये गंदे पानी में पैदा होते है और रात में नएौ से सुबह पांच बजे तक काटते हैं।
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डेंगू रोग के लक्षण : सिर में दर्द होना, तेज बुखार होना, कमर में तेज दर्द होना, चक्कर आना, बेहोश होना, मांस पेशियों में खिंचाव होना, शरीर में लाल चकत्ता होना और प्लेटनेस गिरना।
डेंगू रोग से बचाव : मच्छरदानी का प्रयोग करें, कूलर में एकत्रित पानी में मिट्टी का तेल डालें, शरीर को ढंक कर रखें, शरीर में क्रीम लगाएं, नजदीकी चिकित्सक से सलाह लें।
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नगर के काजीपुरा, विवेकानंद, बनकटा, आवास विकास कालोनी में कई लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। इसको लेकर आसपास के लोग भी भयभीत हैं। जिले में मलेरिया से निबटने की व्यवस्था तो है लेकिन डेंगू से इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं हैै। अगर कोई डेंगू का मरीज आया तो उसे जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। सितंबर में 91 मरीजों में 12 मरीज पाजिटिव पाए गए जबकि अक्तूबर में 232 मरीजों में 18 लोग डेंगू पाजिटिव पाए गए। वर्तमान में सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर दर्द व संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार काजीपुरा के असलम, बनकटा के गुलाब चंद्र, विवेकानंद कालोनी के लक्ष्मी वर्मा एवं आवास विकास कालोनी के गोपाल डेंगू रोग से पीड़ित हैं जिनका इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. मनोज कुमार ने बताया कि जिले में डेंगू रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच की व्यवस्था है लेकिन प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते डेंगू पीड़ितों को वाराणसी भेजना पड़ता है। । बताया कि चिकनगुनिया व डेंगू दोनों बीमारी मादा एडिस इंजिप्टी मच्छर के काटने से होती हैं। वे साफ पानी में पैदा होते है। इन मच्छरों के ऊपर धरियां होती है। ये तड़के सुबह और शाम के वक्त दिन निकलने पहले और दिन छुपने से पहले ज्यादा काटते है। जबकि मलेरिया एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। ये गंदे पानी में पैदा होते है और रात में नएौ से सुबह पांच बजे तक काटते हैं।
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डेंगू रोग के लक्षण : सिर में दर्द होना, तेज बुखार होना, कमर में तेज दर्द होना, चक्कर आना, बेहोश होना, मांस पेशियों में खिंचाव होना, शरीर में लाल चकत्ता होना और प्लेटनेस गिरना।
डेंगू रोग से बचाव : मच्छरदानी का प्रयोग करें, कूलर में एकत्रित पानी में मिट्टी का तेल डालें, शरीर को ढंक कर रखें, शरीर में क्रीम लगाएं, नजदीकी चिकित्सक से सलाह लें।