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Ballia News: समय सीमा के 25 दिन बचे, अभी काम 30 फीसदी ही हो सका
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मझौवां। बाढ़ विभाग की ओर से क्षेत्र के रामगढ़ में कटान रोधी कार्य चल रहा है। नेशनल हाईवे-31 को बचाने के लिए 8 करोड़ 30 लाख से एनएच-31 के पास काम हो रहा है। जबकि दूबे छपरा को कटान से निजात दिलाने के लिए ठोकर बनाने का काम चल रहा है। कार्य की समय सीमा भी 15 जून को समाप्त हो जाएगी। इसके बावजूद तीस फीसदी काम भी पूरा नहीं किया गया है। पूरे जिले में 14 परियोजनाओं पर 98.4 करोड़ से काम चल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कटान रोधी कार्य में मानक की अनदेखी की जा रही है। तटवर्तीय लोगों कहना है कि अब तक तीस फीसदी भी कार्य पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ है, लेकिन बाढ़ विभाग के अधिकारियों की ओर से 50 प्रतिशत कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
हुकुम छपरा डेंजर पॉइंट पर एप्रन का काम भी चल रहा है, लेकिन 9 लेयर के कार्य में से एक लेयर का काम भी नहीं हो सका है।
मानक के अनुसार प्लास्टिक के बोरी में बालू भरकर नदी के 20 मीटर अंदर से सीढ़ीनुमा रखनी थी, लेकिन विभाग की ओर से नदी के किनारे से ही बालू से भरी बोरियों को रखा जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पिछले दो वर्ष पहले तीन स्पर के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये शासन द्वारा मिले थे, लेकिन आज तक कोई भी स्पर गंगा नदी के लहरों का वेग सहन नहीं कर पाया। कटान रोधी कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कटान रोधी कार्य में मानक की अनदेखी की जा रही है। तटवर्तीय लोगों कहना है कि अब तक तीस फीसदी भी कार्य पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ है, लेकिन बाढ़ विभाग के अधिकारियों की ओर से 50 प्रतिशत कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
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हुकुम छपरा डेंजर पॉइंट पर एप्रन का काम भी चल रहा है, लेकिन 9 लेयर के कार्य में से एक लेयर का काम भी नहीं हो सका है।
मानक के अनुसार प्लास्टिक के बोरी में बालू भरकर नदी के 20 मीटर अंदर से सीढ़ीनुमा रखनी थी, लेकिन विभाग की ओर से नदी के किनारे से ही बालू से भरी बोरियों को रखा जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पिछले दो वर्ष पहले तीन स्पर के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये शासन द्वारा मिले थे, लेकिन आज तक कोई भी स्पर गंगा नदी के लहरों का वेग सहन नहीं कर पाया। कटान रोधी कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है।
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