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Ballia News: भूमि विवाद में अटकी 24 घंटे पेयजल अपूर्ति की योजना
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बलिया। शहर के वार्ड-5 मिश्र नेवरी में नए साल में 24 घंटे पेयजलकी आपूर्ति की तैयारी थी। इस वार्ड को आदर्श वार्ड बनाकर दिन-रात पानी की आपूर्ति के लिए जल निगम ने 19 करोड़ की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा था। परियोजना के लिए प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई भूमि विवादित होने से ये खटाई में पड़ गई है। अब जिला प्रशासन से दूसरी भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
उड़ीसा के पुरी में शुरू किए जा चुके इस तरह के प्रोजेक्ट के बाद केंद्र सरकार ने अन्य शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे। बलिया में पायलट प्रोजेक्ट के लिए वार्ड-पांच को चुना गया था। जल निगम ने इसके तहत 19 करोड़ों की डीपीआर तैयार की थी। परियोजना के तहत कॉलोनी में तीन बड़े नलकूप लगाए जाने थे। पानी को स्टोर करने के लिए एक टंकी बनाई जानी थी। अधिक प्रेशर क्षमता वाली लाइनें डाली जानी थी कि 24 घंटे मिलने वाली आपूर्ति से पाइप लाइन फटे नहीं। परियोजना के लिए जिला प्रशासन से भूमि मांगी गई थी। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई भूमि विवाद में है। इस पर कुछ लोगों का कब्जा है इसलिए जल निगम जिला प्रशासन से दूसरी भूमि की मांग की है। अब दूसरे स्थान पर भूमि मिलने के बाद ही परियोजना पर काम आगे बढ़ सकेगा।
बिजली नहीं रहने पर जनरेटर की सुविधा बलिया। यदि किसी समस्या से बिजली नहीं है तो भी इस वार्ड में पेयजल की सप्लाई नहीं रुकेगी। तीन नलकूपों के लिए तीन जनरेटर भी खरीदे जाएंगे। इससे बिजली नहीं रहने की दशा में भी भरपूर पेयजल की आपूर्ति शुरू की जाएगी। वार्ड में पानी की आपूर्ति की निगरानी स्काडा (सुपरविजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) सिस्टम के जरिए होगी। नलकूपों को चलाने और बंद करने, लाइनों के वाल्व खोलने का काम कंप्यूटराइज्ड होगा। अधिकारी दफ्तर या कंट्रोल रूम से ही पानी की आपूर्ति समेत प्रोजेक्ट की निगरानी कर सकेंगे। पाइपलाइन लीकेज होने पर कंप्यूटर सिस्टम के जरिए उसका लोकेशन पता चल जाएगा। कर्मचारी उसी प्वाइंट पर पहुंचकर लाइन को रिपेयर कर देंगे। जेब भी होगी ढीली बलिया। मिश्र नेवरी में 24 घंटे पानी की आपूर्ति की एवज में लोगों को जेब भी ढीली करनी पड़ेगी। यहां 100 फीसदी कनेक्शनों पर वाटर मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि परियोजना पूरी होने के बाद पानी की दरें नगरपालिका बोर्ड की बैठक में तय की जाएंगी। इसके बाद लोग जितना पानी खर्च करेंगे, तय दरों के हिसाब से उसकी कीमत चुकानी होगी।
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जल निगम की ओर से मिश्र नेवरी में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 19 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है। प्रशासन की ओर से जो भूमि उपलब्ध कराई गई है वो विवादित है। तहसील प्रशासन से वार्ड में दूसरी भूमि की मांग की गई है। - अंकुर श्रीवास्तव, एक्सईएन, जल निगम शहरी
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उड़ीसा के पुरी में शुरू किए जा चुके इस तरह के प्रोजेक्ट के बाद केंद्र सरकार ने अन्य शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे। बलिया में पायलट प्रोजेक्ट के लिए वार्ड-पांच को चुना गया था। जल निगम ने इसके तहत 19 करोड़ों की डीपीआर तैयार की थी। परियोजना के तहत कॉलोनी में तीन बड़े नलकूप लगाए जाने थे। पानी को स्टोर करने के लिए एक टंकी बनाई जानी थी। अधिक प्रेशर क्षमता वाली लाइनें डाली जानी थी कि 24 घंटे मिलने वाली आपूर्ति से पाइप लाइन फटे नहीं। परियोजना के लिए जिला प्रशासन से भूमि मांगी गई थी। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई भूमि विवाद में है। इस पर कुछ लोगों का कब्जा है इसलिए जल निगम जिला प्रशासन से दूसरी भूमि की मांग की है। अब दूसरे स्थान पर भूमि मिलने के बाद ही परियोजना पर काम आगे बढ़ सकेगा।
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बिजली नहीं रहने पर जनरेटर की सुविधा बलिया। यदि किसी समस्या से बिजली नहीं है तो भी इस वार्ड में पेयजल की सप्लाई नहीं रुकेगी। तीन नलकूपों के लिए तीन जनरेटर भी खरीदे जाएंगे। इससे बिजली नहीं रहने की दशा में भी भरपूर पेयजल की आपूर्ति शुरू की जाएगी। वार्ड में पानी की आपूर्ति की निगरानी स्काडा (सुपरविजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) सिस्टम के जरिए होगी। नलकूपों को चलाने और बंद करने, लाइनों के वाल्व खोलने का काम कंप्यूटराइज्ड होगा। अधिकारी दफ्तर या कंट्रोल रूम से ही पानी की आपूर्ति समेत प्रोजेक्ट की निगरानी कर सकेंगे। पाइपलाइन लीकेज होने पर कंप्यूटर सिस्टम के जरिए उसका लोकेशन पता चल जाएगा। कर्मचारी उसी प्वाइंट पर पहुंचकर लाइन को रिपेयर कर देंगे। जेब भी होगी ढीली बलिया। मिश्र नेवरी में 24 घंटे पानी की आपूर्ति की एवज में लोगों को जेब भी ढीली करनी पड़ेगी। यहां 100 फीसदी कनेक्शनों पर वाटर मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि परियोजना पूरी होने के बाद पानी की दरें नगरपालिका बोर्ड की बैठक में तय की जाएंगी। इसके बाद लोग जितना पानी खर्च करेंगे, तय दरों के हिसाब से उसकी कीमत चुकानी होगी।
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जल निगम की ओर से मिश्र नेवरी में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 19 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है। प्रशासन की ओर से जो भूमि उपलब्ध कराई गई है वो विवादित है। तहसील प्रशासन से वार्ड में दूसरी भूमि की मांग की गई है। - अंकुर श्रीवास्तव, एक्सईएन, जल निगम शहरी