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फसल अपशिष्टों को न जलाये
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:57 PM IST
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बलिया। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारोत ने कहा कि किसी भी दशा में अपने फसल अपशिष्ट को किसान न जलाएं, अपितु फसल अपशिष्ट का उपयोग वैकल्पिक उपयोगों यथा बायो एनर्जी, कंपोस्ट खाद आदि में करें। इसके साथ ही उन्होंने जनपद के समस्त कम्बाईन मालिकों को भी निर्देशित किया है कि जो बिना रीपरविद ब्राइंडर मशीन का प्रयोग करता पाया जाएगा, उसके कंबाईन मशीन को कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ सीजर की कार्यवाही की जाएगी तथा जो किसान अपने फसल अपशिष्ट को जलाता है तो उसके विरुद्ध दो एकड़ तक के किसानों को 2500 रुपये तथा दो एकड़ से पांच एकड़ तक के किसानों को 5000 रुपये एवं पांच एकड़ से अधिक पर रुपये 15000 का जुर्माना देना पड़ेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि पादप अवशेष मलवक रूप में प्रयोग करने से मृदा जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों के खरपतवारों से बचाने में भी सहायक है एवं मृदा के जीवांश में हो रहे लगातार ह्रास को कम करने में योगदान करता है। मृदा जल धारण क्षमता एवं मृदा वायु संचार में बढोतरी होती है। उन्होंने किसान बंधुओं से कहा कि इससे फसल के उत्पादन में काफी लाभ मिलेगा तथा उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर अपनी आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान के साथ-साथ कृषि की विकास दर में वृद्धि करें।
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जिलाधिकारी ने कहा कि पादप अवशेष मलवक रूप में प्रयोग करने से मृदा जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों के खरपतवारों से बचाने में भी सहायक है एवं मृदा के जीवांश में हो रहे लगातार ह्रास को कम करने में योगदान करता है। मृदा जल धारण क्षमता एवं मृदा वायु संचार में बढोतरी होती है। उन्होंने किसान बंधुओं से कहा कि इससे फसल के उत्पादन में काफी लाभ मिलेगा तथा उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कर अपनी आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान के साथ-साथ कृषि की विकास दर में वृद्धि करें।
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