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जल्द ही नसीब होगा 2
Updated Mon, 21 May 2018 11:28 PM IST
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बलिया। अब जल्द ही लोगों के घरों में पीने के लिए गंगा का शुद्ध जल उपलब्ध होगा। इसके लिए जलनिगम के प्रस्ताव को शासन द्वारा हरी झंडी दे दी गई है। योजना के तहत यंत्र और टंकी स्थापित करने के लिए जलनिगम द्वारा कोटवा नारायणपुर गांव के सामने गंगा तट पर जमीन की तलाश की जा रही है। यंत्र स्थापित होने के बाद पहले चरण में कम से कम 28 गांवों में गंगा का शुद्ध जल उपलब्ध होने लगेगा।
जल निगम ने जनपद के चार जगहों पर नदी स्रोत पेयजल योजना के तहत गंगा व घाघरा से शुद्ध पेयजल सप्लाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने विगत छह मई को कोटवा नारायणपुर गांव के पास की योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए सौ करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव है। योजना का मकसद नलकूपों पर लोड कम करने व लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में सौ करोड़ की लागत की स्थापित होने वाली इस योजना को लेकर विभाग ने जमीन के लिए राजस्व विभाग से लिखापढ़ी कर ली है। जल्द ही जमीन मयस्सर हो जाएगी। वहीं स्वच्छ गंगा योजना से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया प्रगति पर है। यह दो प्रक्रिया मूर्त रूप लेते ही योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा। मालूम हो कि नदी स्रोत पेयजल के तहत जनपद से घाघरा के हरदत्तपुर व हल्दीरामपुर तथा गंगा के मझौंवा व नारायणपुर के लिए प्रस्ताव गया था। इसमें केवल नारायणपुर के लिए प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। अन्य जगहों के लिए भी प्रस्ताव पर प्रयास जारी है।
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जल निगम ने जनपद के चार जगहों पर नदी स्रोत पेयजल योजना के तहत गंगा व घाघरा से शुद्ध पेयजल सप्लाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने विगत छह मई को कोटवा नारायणपुर गांव के पास की योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए सौ करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव है। योजना का मकसद नलकूपों पर लोड कम करने व लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में सौ करोड़ की लागत की स्थापित होने वाली इस योजना को लेकर विभाग ने जमीन के लिए राजस्व विभाग से लिखापढ़ी कर ली है। जल्द ही जमीन मयस्सर हो जाएगी। वहीं स्वच्छ गंगा योजना से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया प्रगति पर है। यह दो प्रक्रिया मूर्त रूप लेते ही योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा। मालूम हो कि नदी स्रोत पेयजल के तहत जनपद से घाघरा के हरदत्तपुर व हल्दीरामपुर तथा गंगा के मझौंवा व नारायणपुर के लिए प्रस्ताव गया था। इसमें केवल नारायणपुर के लिए प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। अन्य जगहों के लिए भी प्रस्ताव पर प्रयास जारी है।
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