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कार्य बहिष्कार के साथ धरने पर बैठे विद्युतकर्मी
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:23 PM IST
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बलिया। बिजली महकमे के निजीकरण प्रक्रिया के विरोध में सोमवार को अधिकारियों के साथ विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय परिसर में जोरदार तरीके धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय कार्य का बहिष्कार करते हुए विद्युत आपूर्ति भी ठप कर दी थी। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से जनपद के लोग बिल-बिलाते रहे। इस मौके पर बिजली कर्मियों ने कहा कि सूूबे में जबसे योगी के नेतृत्व में सरकार चल रही है। सरकारी कर्मचारियों के हक पर कुठाराघात किया जा रहा है।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक वीवी सिंह ने कहा कि केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। कहा कि इसके चलते पूरे जनपद की विद्युत व्यवस्था तथा कार्यालयी कार्य को बाधित रखने का फरमान केंद्रीय नेतृत्व ने जारी किया था जिसके तहत पूरे जनपद की बिजली व्यवस्था ठप रही। चेताया कि यदि सरकार निजीकरण के फैसले पर पुन: विचार कर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो यह आंदोलन और कार्य बहिष्कार अनवरत चलता रहेगा। आंदोलन में व्यवसायी, समाजसेवी सहित विभिन्न संगठनों के लोगों ने शामिल होकर विद्युत कर्मियों का हौसला बढ़ाया।
अधिशासी अभियंता चतुर्थ अर्जुन राम ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करना चाहती है निजी हाथों में बिजली सौंपकर औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है, जिसका हम पुरजोर विरोध करेंगे। अध्यक्षता कर रहे अधिशासी अभियंता हरिशंकर ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों के जायज मांग की अनदेखी सरकार नहीं कर सकती है। कहा कि अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए विद्युत कर्मचारियों को पूरी शक्ति के साथ धरना-प्रदर्शन में भाग लेना होगा। इस मौके पर प्रमोद कुमार राय, अनिल कुमार मल्ल, सत्यप्रकाश सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, वीरबहादुर सिंह, आनंद श्रीवास्तव, धनंजय कुमार, संतोष कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन संतोष कुमार सिंह ने किया।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक वीवी सिंह ने कहा कि केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। कहा कि इसके चलते पूरे जनपद की विद्युत व्यवस्था तथा कार्यालयी कार्य को बाधित रखने का फरमान केंद्रीय नेतृत्व ने जारी किया था जिसके तहत पूरे जनपद की बिजली व्यवस्था ठप रही। चेताया कि यदि सरकार निजीकरण के फैसले पर पुन: विचार कर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो यह आंदोलन और कार्य बहिष्कार अनवरत चलता रहेगा। आंदोलन में व्यवसायी, समाजसेवी सहित विभिन्न संगठनों के लोगों ने शामिल होकर विद्युत कर्मियों का हौसला बढ़ाया।
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अधिशासी अभियंता चतुर्थ अर्जुन राम ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करना चाहती है निजी हाथों में बिजली सौंपकर औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है, जिसका हम पुरजोर विरोध करेंगे। अध्यक्षता कर रहे अधिशासी अभियंता हरिशंकर ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों के जायज मांग की अनदेखी सरकार नहीं कर सकती है। कहा कि अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए विद्युत कर्मचारियों को पूरी शक्ति के साथ धरना-प्रदर्शन में भाग लेना होगा। इस मौके पर प्रमोद कुमार राय, अनिल कुमार मल्ल, सत्यप्रकाश सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, वीरबहादुर सिंह, आनंद श्रीवास्तव, धनंजय कुमार, संतोष कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन संतोष कुमार सिंह ने किया।
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