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कोई गांव मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना में चयनित नहीं
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:12 PM IST
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बैरिया। विधान सभा क्षेत्र के किसी भी गांव का चयन मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत नहीं किया गया है। इसको लेकर लोगों में काफी रोष है। इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने सूबे के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से इस प्रकरण की शिकायत करते जांच की मांग की है।
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत जिले के कुल 15 गावों का चयन किया गया है लेकिन इस सूची में बैरिया विधान सभा का एक भी गांव शामिल नहीं हैं। बताया जाता है कि इस योजना के तहत संबंधित विभाग द्वारा दुधैला व देश की रक्षा में शहीद हुए सेना एवं अर्ध सैनिक बलों के गांव के रूप में मझौवां व मूड़ाडीह गांव का नाम प्रस्तावित किया गया था। इसके अलावा बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने विधान सभा क्षेत्र से सिर्फ बेलहरी ब्लाक के एक गांव का नाम सूची में होने की जानकारी होने पर बैरिया व मुरलीछपरा ब्लाक के एक-एक गांव को योजना में शामिल करने का प्रस्ताव किया था। लेकिन अंतिम सूची जारी होने पर बैरिया विधान सभा क्षेत्र से एक भी गांव शामिल नहीं किया गया। इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के आपसी तालमेल के अभाव के चलते दरवाजे पर आई सुविधा भी वापस हो गई और विधान सभा का कोई भी गांव इस योजना में शामिल नहीं हो सका। इंटक नेता ने क्षेत्र के दुधैला, मझौवां व मूड़ाडीह गांव को मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में शामिल करने के लिए जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव ग्राम विकास व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
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मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत जिले के कुल 15 गावों का चयन किया गया है लेकिन इस सूची में बैरिया विधान सभा का एक भी गांव शामिल नहीं हैं। बताया जाता है कि इस योजना के तहत संबंधित विभाग द्वारा दुधैला व देश की रक्षा में शहीद हुए सेना एवं अर्ध सैनिक बलों के गांव के रूप में मझौवां व मूड़ाडीह गांव का नाम प्रस्तावित किया गया था। इसके अलावा बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने विधान सभा क्षेत्र से सिर्फ बेलहरी ब्लाक के एक गांव का नाम सूची में होने की जानकारी होने पर बैरिया व मुरलीछपरा ब्लाक के एक-एक गांव को योजना में शामिल करने का प्रस्ताव किया था। लेकिन अंतिम सूची जारी होने पर बैरिया विधान सभा क्षेत्र से एक भी गांव शामिल नहीं किया गया। इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के आपसी तालमेल के अभाव के चलते दरवाजे पर आई सुविधा भी वापस हो गई और विधान सभा का कोई भी गांव इस योजना में शामिल नहीं हो सका। इंटक नेता ने क्षेत्र के दुधैला, मझौवां व मूड़ाडीह गांव को मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना में शामिल करने के लिए जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव ग्राम विकास व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
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