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जन औषधि केंद्र की दवा नहीं लिख रहें है चिकित्सक

Sun, 14 Apr 2019 11:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 11:19 PM IST
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जन औषधि केंद्र की दवा नहीं लिख रहें है चिकित्सक
बलिया। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में खुले जन औषधि केंद्र का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि चिकित्सक जन औषधि केेंद्र की दवाएं लौटाने का दबाव मरीजों पर बनाते हैं। मरीजों का आरोप है कि चिकित्सक अधिकतर दवाएं बाहर की लिखते हैं।
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जिला अस्पताल परिसर स्थित जन औषधि केंद्र के संचालक प्रदीप कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल के चिकित्सक जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध दवाइयों को नहीं लिखते हैं। वे अधिकांश दवाइयां बाहर की लिखते हैं। केंद्र सरकार द्वारा जन औषधि केंद्र इसलिए खोला गया गया कि जो दवाइयां जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं होंगी, वे कम दामों पर जन औषधि केंद्र पर मिल जाएंगी लेकिन यहां ठीक उल्टा हो रहा है। कहा कि अगर कोई भूला भटका मरीज काउंटर से दवा लेकर चिकित्सक को दिखाने जाता है तो चिकित्सक दवाओं को वापस करा देते है। ऐसा ही मामला तीन दिन पहले इमरजेंसी में आया जहां पर तैनात डाक्टर ने एक मरीज को कुछ दवाइयां बाहर से लिख दिया था।
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वह मरीज मेरे काउंटर से सस्ती दवा खरीद कर डाक्टर से दिखाने के लिए ले गया। उसे चिकित्सक द्वारा वापस करा दिया गया। इसकी शिकायत सीएमएस से की गई जिसपर सीएमएस कहा कि चिकित्सक से पूछताछ की जाएगी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक दवाएं सस्ती भी हैं और कारगर भी। यहां करीब 430 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। इनमें एंटीबायोटिक का भरपूर स्टाक है। एमाक्सीक्लेव, सीफोडाक्सीम, सलबैक्टम, टीजोवैक्टम, सीफोराक्सिन आदि दवाएं बाजार की ब्रांडेड दवाओं की तुलाना में कई गुना सस्ती हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अगर किसी को लगता है कि ब्रांडेड दवाएं ज्यादा फायदा करती हैं और जेनेरिक कम असरकारक होती हैं, तो यह उनकी गलतफहमी है। जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं में सिर्फ नाम का फर्क है क्वालिटी का नहीं। जन औषधि केंद्र पर ब्रांडेड के मुकाबले जेनेरिक दवाएं 20 गुना तक सस्ती मिल रही हैं।
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प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके महतो ने बताया कि सभी चिकित्सकों को जन औषधि केंद्र की दवा लिखने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भी वे जन औषधि की दवाएं नहीं लिखते हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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