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72 घंटे में घाघरा ने निगल लिया 15 एकड कृषियोग्य भूमि
Updated Wed, 26 Sep 2018 11:57 PM IST
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बलिया (जयप्रकाशनगर)। बीते 72 घंटे में घाघरा नदी ने उग्र रूप धारण करते हुए चांददियर पंचायत व इब्राहिमाबाद उपरवार पंचायत के कई पुरवों में 15 एकड़ भूमि कटान में बहा ले गई।
बता दें कि बकुल्हा-संसार टोला बांध को बचाने के लिए विगत तीन माह पूर्व बाढ़ विभाग द्वारा करीब 30 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य कराया गया। लेकिन जहां तक कटानरोधी कार्य कराया गया वहां तक तो बंधा सुरक्षित हो गया। जबकि कटानरोधी कार्य स्थल से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर घाघरा ने अपना तांडव दिखाना शुरू कर चुकी है। यदि यहीं स्थिति बरकार रही तो हुए कटानरोधी कार्य व बकुल्हा-संसार टोला बांध के करीब पहुंचने में बहुत समय नहीं लगेगा। बाढ़ का पानी ज्यो ही नीचे गया तो बुधवार की सुबह आसपास के लोगों ने हो रहे कटान को देखा तो उनके होश उड़ गए। चांददियर निवासी राजकिशोर यादव, घुरी टोला निवासी धुरूप सिंह, प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव, हरेंद्र यादव, सुरेश सिंह, मंटू सिंह आदि लोगों ने बताया कि बाढ़ आने से पूर्व से ही घाघरा नदी द्वारा कटान जारी रहा। घाघरा नदी के उफान के वजह से कटान का दिख नहीं रहा था लेकिन भीतर ही भीतर कच्छप गति से कटान जारी था। ज्यो ही नदी उफान समाप्त हुआ और जमीन दिखना शुरू हुआ तो नदी द्वारा किया गया कटान देख लोग अवाक रह गए।
उधर रामगढ़ संवाददाता के अनुसार गंगा के मुहाने पर बसे पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघर छपरा के भवन का आधा से अधिक हिस्सा बुधवार को गंगा की लहरों में बह गया। यही नहीं फ्लड फाइटिंग के तहत डाले गए बालू की बोरियों से बना प्लेटफॉर्म भी बह गया। गंगा की उतरती लहरों के इस उत्पात को देखते हुए केहररपुर में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद लोग अपने घरों के सामानों को भी सुरक्षित स्थानों पर ठिकाने लगाने में लग गए। ग्रामीणों की मानें तो गंगा के उतरती लहरों के चलते सोहरा कटान तेज हो गया है। सोहरा की जद में आने से पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघर छपरा और केहरपुर में बना प्लेटफॉर्म भी बह गया। यही नही सोहरा कटान से गंगापुर से लेकर दुबे छपरा रिंग बंधे तक कटान का उत्पात जारी है। गंगापुर में बहादुर बाबा के स्थान को बचने के लिए बना प्लेटफॉर्म भी गंगा की लहरों में बह गया जिससे गंगापुर के सोनरा टोला में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है।
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बता दें कि बकुल्हा-संसार टोला बांध को बचाने के लिए विगत तीन माह पूर्व बाढ़ विभाग द्वारा करीब 30 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य कराया गया। लेकिन जहां तक कटानरोधी कार्य कराया गया वहां तक तो बंधा सुरक्षित हो गया। जबकि कटानरोधी कार्य स्थल से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर घाघरा ने अपना तांडव दिखाना शुरू कर चुकी है। यदि यहीं स्थिति बरकार रही तो हुए कटानरोधी कार्य व बकुल्हा-संसार टोला बांध के करीब पहुंचने में बहुत समय नहीं लगेगा। बाढ़ का पानी ज्यो ही नीचे गया तो बुधवार की सुबह आसपास के लोगों ने हो रहे कटान को देखा तो उनके होश उड़ गए। चांददियर निवासी राजकिशोर यादव, घुरी टोला निवासी धुरूप सिंह, प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव, हरेंद्र यादव, सुरेश सिंह, मंटू सिंह आदि लोगों ने बताया कि बाढ़ आने से पूर्व से ही घाघरा नदी द्वारा कटान जारी रहा। घाघरा नदी के उफान के वजह से कटान का दिख नहीं रहा था लेकिन भीतर ही भीतर कच्छप गति से कटान जारी था। ज्यो ही नदी उफान समाप्त हुआ और जमीन दिखना शुरू हुआ तो नदी द्वारा किया गया कटान देख लोग अवाक रह गए।
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उधर रामगढ़ संवाददाता के अनुसार गंगा के मुहाने पर बसे पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघर छपरा के भवन का आधा से अधिक हिस्सा बुधवार को गंगा की लहरों में बह गया। यही नहीं फ्लड फाइटिंग के तहत डाले गए बालू की बोरियों से बना प्लेटफॉर्म भी बह गया। गंगा की उतरती लहरों के इस उत्पात को देखते हुए केहररपुर में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद लोग अपने घरों के सामानों को भी सुरक्षित स्थानों पर ठिकाने लगाने में लग गए। ग्रामीणों की मानें तो गंगा के उतरती लहरों के चलते सोहरा कटान तेज हो गया है। सोहरा की जद में आने से पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुघर छपरा और केहरपुर में बना प्लेटफॉर्म भी बह गया। यही नही सोहरा कटान से गंगापुर से लेकर दुबे छपरा रिंग बंधे तक कटान का उत्पात जारी है। गंगापुर में बहादुर बाबा के स्थान को बचने के लिए बना प्लेटफॉर्म भी गंगा की लहरों में बह गया जिससे गंगापुर के सोनरा टोला में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है।
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