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किसान कराएं फसल बीमा, रहें टेंशन फ्री
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:25 PM IST
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बलिया। खरीफ एवं रबी फसलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू है। इसके अंतर्गत जनपद में रबी की गेहूं की फसल के लिए प्रीमियम 704 रुपया प्रति हेक्टेयर, चना के लिए 648 रुपया, मटर के लिए 562 रुपया, मसूर के लिए 681 रुपया व आलू के लिए 4418 रुपया प्रति हेक्टेयर का प्रीमियम निर्धारित किया गया है। ऋणी एवं गैर ऋणी कृषक रबी मौसम में 31 दिसम्बर तक प्रीमियम की कटौती कराते हुए योजना का लाभ ले सकते हैं।
उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया कि योजना में प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों व अन्य जोखिमों से फसल नष्ट होने की स्थिति में बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। फसल की क्षति का ऑकलन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जायेगा। किसी आपदा, ओलावृष्टि, भूस्खलन, जल प्लावन, फसल कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में सूखने के लिए छोड़े जाने पर चक्रवात व चक्रवाती वर्षा या बेमौसम वर्षा से क्षति की स्थिति में बीमा देय होगा। कहा है कि बटाईदार या किराये पर खेती करने वाले योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
गैर ऋणी किसान अपनी इच्छानुसार बीमा करा सकते हैं। जबकि कृषि लोन लेने वाले समस्त ऋणी कृषकों को सम्बंधित बैंक शाखा/संस्था द्वारा अनिवार्य रूप से योजना में कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि गैर ऋणी किसान योजना में सम्मिलित होने के लिए बीमित फसल के वास्तविक आच्छादन की पुष्टि के लिए स्वघोषित प्रमाण पत्र, भूलेख प्रपत्र (खतौनी) की प्रतिलिपि एवं आधार कार्ड की प्रति के साथ अपने बैंक में ही बीमा कम्पनी के प्रपोजल फार्म को भर कर फसल बीमा करा सकते हैं।
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उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया कि योजना में प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों व अन्य जोखिमों से फसल नष्ट होने की स्थिति में बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। फसल की क्षति का ऑकलन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जायेगा। किसी आपदा, ओलावृष्टि, भूस्खलन, जल प्लावन, फसल कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में सूखने के लिए छोड़े जाने पर चक्रवात व चक्रवाती वर्षा या बेमौसम वर्षा से क्षति की स्थिति में बीमा देय होगा। कहा है कि बटाईदार या किराये पर खेती करने वाले योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
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गैर ऋणी किसान अपनी इच्छानुसार बीमा करा सकते हैं। जबकि कृषि लोन लेने वाले समस्त ऋणी कृषकों को सम्बंधित बैंक शाखा/संस्था द्वारा अनिवार्य रूप से योजना में कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि गैर ऋणी किसान योजना में सम्मिलित होने के लिए बीमित फसल के वास्तविक आच्छादन की पुष्टि के लिए स्वघोषित प्रमाण पत्र, भूलेख प्रपत्र (खतौनी) की प्रतिलिपि एवं आधार कार्ड की प्रति के साथ अपने बैंक में ही बीमा कम्पनी के प्रपोजल फार्म को भर कर फसल बीमा करा सकते हैं।
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