फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   पंचकोशी परिक्रमा दीपावली को चौबे छपरा से होगी प्रारंभ

पंचकोशी परिक्रमा दीपावली को चौबे छपरा से होगी प्रारंभ

Sat, 03 Nov 2018 10:24 PM IST
Updated Sat, 03 Nov 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
पंचकोशी परिक्रमा दीपावली को चौबे छपरा से होगी प्रारंभ
बलिया। सप्तद्वीपों की प्रदक्षिणा के बराबर पुण्य फल देने वाली सभी प्रकार के पापों को नष्ट करने वाली, सर्वत्र विजय प्रदान करने वाली भृगु-दर्दर क्षेत्र की पंचकोशी परिक्रमा दीपावली सात नवंबर को महर्षि भृगु मंदिर में पहुंचेगी। आठ नवंबर को प्रात: गर्गाश्रम के लिये प्रस्थान करेगी।
विज्ञापन

भृगु-दर्दरक्षेत्र के कार्तिक महात्म्य, कल्पवास, कार्तिक पूर्णिमा स्नान, ददरी मेले की महत्वपूर्ण कड़ी पंचक्रोशी यात्रा के संबंध में अध्यात्म तत्ववेत्ता साहित्यकार शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि पद्मपुराण दर्दर क्षेत्र महात्म्य खण्ड के अनुसार भृगुक्षेत्र की पंचकोशी परिक्रमा करने ऋषि-मुनि, देवी - देवता सभी आते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिन्हें किसी ने शाप दिया है, उसका मोचन भी इस परिक्रमा को करने से हो जाता है। गर्गाश्रम सागरपाली से प्रारंभ होकर पराशर आश्रम परसिया तक जाने वाली इस परिक्रमा यात्रा का संचालन भृगुक्षेत्र के ऋषि-मुनियों के द्वारा अनादिकाल से की जाती रही है। पहले इस यात्रा में हजारों लोग शामिल होते थे। प्राचीन काल में भृगुक्षेत्र के सिद्ध संत श्री खाकी बाबा ने दीर्घकाल तक परिक्रमा यात्रा का संचालन किया। वर्तमान में भी उन्हीं के वंशजों के द्वारा इस पुनीत परम्परा को जीवित रखा गया है। इस यात्रा के वर्तमान संवाहक उमेश चंद्र चौबे ने बताया कि पंचक्रोशी परिक्रमा यात्रा चौबे छपरा स्थित ठाकुर मंदिर से सात नवंबर को दो बजे दिन में ठाकुरजी की पूजा अर्चना के उपरान्त पालकी पर संकीर्तन करते हुए प्रारंभ होगी और दीपावली के दिन सायं चार बजे भृगु मंदिर पहुंचेगी। संध्या आरती और विशेष पूजन के बाद रात्रि विश्राम होगा। आठ नवंबर को यह परिक्रमा यात्रा सुबह छह बजे बजे गर्गाश्रम के लिये प्रस्थान करेगी, जहां छोटी सरयू-तमसा तट पर पंचक्रोशी का मेला लगेगा। नौ को प्रात: काल गर्गाश्रम से यह यात्रा विमल तीर्थ देवकुलावली ( देवकली , बहादुरपुर) पहुंचेगी जहां यात्रा का तीसरा रात्रि विश्राम होगा। 10 नंवबर को देवकली से चलकर कुशेश्वर-क्षितेश्वर नाथ महादेव मंदिर छितौनी और 11 को पराशर आश्रम परसिया पहुंचेगी। 12 नंवबर को परसिया से चलकर भृगु मंदिर वापस आकर इस यात्रा का समापन होगा। परिक्रमा यात्रा के संचालक के अलावा अशोक चौबे, शत्रुघ्न पाण्डेय, विजय शुक्ल, संजय पांडेय, संजय शुक्ल, डब्लू पाठक ने भृगुक्षेत्र की पावन परिपाटी परिक्रमा यात्रा में अधिक से अधिक लोगों के सहभागी होने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed