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पारा चढ़ने से आम लोग बेहाल, किसानी के लिए अनुकूल
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बलिया। तापमान चढ़ने के साथ ही गर्मी और पछुआ हवा से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। वहीं किसानों ने खेतों में गेहूं की कटाई और मड़ाई के कार्य में तेजी ला दी है।
दस दिन पहले बारिश और ओलावृष्टि के चलते किसान परेशान थे। को लेकर आए दिन मौसम में बदलाव को लेकर किसान काफी चिंतित थे लेकिन तीन-चार दिनों से अचानक पारा चढ़ने के साथ पछुवा हवा भी चल रही है। गुरुवार को अधिकतम तापमान जहां 38 डिग्री, शुक्रवार से शनिवार तक 39 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। रविवार को भी तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा रहा। पछुवा हवा भी करीब 18 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है। इसके चलते गर्मी बढ़ने से जहां लोग परेशान हैं वहीं किसान किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई में जुटे हैं।
गर्म हवाओं के चलते दो पहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी हुई और जो घरों से निकले पर भी चेहरे व सिर को ढंक कर ही निकले। उधर, यह मौसम किसानों के लिए काफी अनुकूल साबित हो रहा है। किसान जहां रबी की फसल गेहूं व अरहर आदि की कटाई के साथ ही पहले काट कर खलिहानों में रखे दलहनी फसलों की मड़ाई में जुट गए हैं। किसानों की मानेें तो धूप तेज होने व पछुवा हवा चैती फसलों की कटाई के लिए अनुकूल होता है। ऐसे मौसम में फसलों को काटने में जहां मेहनत कम लगता है वहीं खेतों में केवल दिनभर के लिए पलिहारी कर देने मात्र से ही मड़ाई लायक हो जाता है। इसके अलावा पछुवा हवा में मड़ाई करने से फसलों से भूसा भी बारीक होता है जो मवेशियों के अच्छा होता है और मवेशी उसे आसानी से खाते हैं। किसान बताते हैं कि इस तरह का मौसम अगर एक पखवारा रह गया तो अधिकांश किसान फसलों की मड़ाई कर अनाज व भूसा को सुरक्षित स्थानों पर रख लेगें।
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इनसेट...
जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि चैत में साफ मौसम के साथ पछुवा हवा चलना खेती किसानी के लिए अनुकूल माना गया है। इस तरह का मौसम होने पर खेतों में कटाई व खलिहानों रखे अनाज की मड़ाई आसान होता है। इस मौसम में मड़ाई किए गए अनाज में नमी कम होती है लिहाजा अधिक दिनों तक सुरक्षित भी रहते हैं।
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दस दिन पहले बारिश और ओलावृष्टि के चलते किसान परेशान थे। को लेकर आए दिन मौसम में बदलाव को लेकर किसान काफी चिंतित थे लेकिन तीन-चार दिनों से अचानक पारा चढ़ने के साथ पछुवा हवा भी चल रही है। गुरुवार को अधिकतम तापमान जहां 38 डिग्री, शुक्रवार से शनिवार तक 39 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। रविवार को भी तापमान 39 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा रहा। पछुवा हवा भी करीब 18 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है। इसके चलते गर्मी बढ़ने से जहां लोग परेशान हैं वहीं किसान किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई में जुटे हैं।
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गर्म हवाओं के चलते दो पहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी हुई और जो घरों से निकले पर भी चेहरे व सिर को ढंक कर ही निकले। उधर, यह मौसम किसानों के लिए काफी अनुकूल साबित हो रहा है। किसान जहां रबी की फसल गेहूं व अरहर आदि की कटाई के साथ ही पहले काट कर खलिहानों में रखे दलहनी फसलों की मड़ाई में जुट गए हैं। किसानों की मानेें तो धूप तेज होने व पछुवा हवा चैती फसलों की कटाई के लिए अनुकूल होता है। ऐसे मौसम में फसलों को काटने में जहां मेहनत कम लगता है वहीं खेतों में केवल दिनभर के लिए पलिहारी कर देने मात्र से ही मड़ाई लायक हो जाता है। इसके अलावा पछुवा हवा में मड़ाई करने से फसलों से भूसा भी बारीक होता है जो मवेशियों के अच्छा होता है और मवेशी उसे आसानी से खाते हैं। किसान बताते हैं कि इस तरह का मौसम अगर एक पखवारा रह गया तो अधिकांश किसान फसलों की मड़ाई कर अनाज व भूसा को सुरक्षित स्थानों पर रख लेगें।
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जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि चैत में साफ मौसम के साथ पछुवा हवा चलना खेती किसानी के लिए अनुकूल माना गया है। इस तरह का मौसम होने पर खेतों में कटाई व खलिहानों रखे अनाज की मड़ाई आसान होता है। इस मौसम में मड़ाई किए गए अनाज में नमी कम होती है लिहाजा अधिक दिनों तक सुरक्षित भी रहते हैं।