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एडीजे के यहां गुहार लगाते ही हरकत में आई पुलिस
Updated Fri, 11 May 2018 12:08 AM IST
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बलिया (रसड़ा)। लगभग पांच वर्ष पूर्व भाई की हत्या एवं भतीजी के अपहरण का खुलासा न होने पर कोतवाली क्षेत्र के कोप निवासी कमालुद्दीन ने एडीजे वाराणसी पीबी रामास्वामी से निरीक्षण के दौरान इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय की गुहार लगाते लगाते वह थक चुके हैं। बुधवार को रसड़ा कोतवाली का निरीक्षण करने पहुंचे एडीजे से कमालुद्दीन ने गुहार लगाई और पत्रक सौंपा। जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर 2013 को कमालुद्दीन के भाई जमालुद्दीन की 16 वर्षीय पुत्री गुलशन घर से लापता हो गई। जमालुद्दीन की तहरीर पर पुलिस ने 25, सितंबर 2013 को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। कार्यवाही न होते देख 18 दिसंबर 2013 को किशोरी के चाचा कमालुद्दीन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच में कुछ तेजी आई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद मामला ठंडा पड़ गया। इसी बीच 22 नवंबर 2014 को किशोरी के चाचा अलाउद्दीन के 38 पुत्र गुलाम मुहम्मद की भट्ठे से काम करके आ रहे थे तो नगहर गांव के समीप सड़क पर हत्या कर दी गई। इस हत्या को पुलिस ने सड़क दुर्घटना दिखाकर मामले को भी दबा दिया। कमालुद्दीन ने आरोप लगाया कि परिजनों को न्याय की मांग करने पर उलटे ही विरोधियों द्वारा साजिश के तहत पुलिस से मिलकर दुष्कर्म, छेड़खानी मारपीट जैसे गंभीर धाराओं में 10 नवंबर 2014 में मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया। 12 दिन बाद उनके छोटे भाई की हत्या कर दी गई। 13 जनवरी 2015 को अल्पसंख्यक आयोग उत्तर प्रदेश ने तत्कालीन एसपी को तीन फरवरी को पूरी पत्रावली के साथ उपस्थित होने का निर्देशित भी किया था। एसपी द्वारा उपस्थित न होने पर अल्पसंख्यक आयोग ने 28 मई 2015 को समन जारी कर पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर को एसपी को पुन: उपस्थित कराने को कहा। पुन: 19 अगस्त 2015 को आयोग ने पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी जोन को समन जारी कर 29 अगस्त को किसी अन्य जिला के सक्षम अधिकारी से जांच करा कर अवगत कराने को कहा। उसके निर्देश पर मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह द्वारा जांच की गई। लेकिन मामला सिफर ही रहा। किशोरी की मां विलकिस खातून पत्नी जमालुद्दीन ने आरोप लगाया कि उसकी पुत्री के अपहरण की जांच सीबीसीआईडी से कराकर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। आशंका जताई कि मेरे देवर कमालूद्दीन की हत्या की जा सकती है।
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