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तीन लिपिकों को निदेशक प्रशासन ने किया निलंबित
Updated Tue, 27 Feb 2018 10:56 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग के तीन लिपिकों को स्वास्थ्य निदेशक (प्रशासन) ने निलंबित कर दिया है। इनमें मुख्य चिकित्साधिकारी व जिला चिकित्सालय कार्यालय के एक-एक प्रधान सहायक व सीएमओ कार्यालय के एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं। इन पर एरियर आदि के भुगतान में अनियमितता किए जाने का आरोप है। तीनों लिपिकों को अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल से सम्बद्ध कर दिया गया है। इस कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
निदेशक (प्रशासन) ने अपने 23 फरवरी 2018 के आदेश में उल्लेख किया है कि जनपद के कर्मचारियों के एरियर आदि के भुगतान में लाखों रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया था। जिसकी जांच अपर निदेशक, आजमगढ़ मंडल डा. रोशन सिंह पटेल द्वारा की गई थी। जिसमें वर्ष 2010-11 से 2013-14 तक अपने कार्य अवधि में एरियर का एक से अधिक बार आहरण किए जाने व कर्मचारियों को एरियर न देकर 3537583 रुपये गबन करना पाया गया। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक नीरज राय (स्थानांतरित), प्रधान सहायक अवधेश कुमार गुप्ता (स्थानांतरित) व जिला अस्पताल में तैनात प्रधान सहायक ओम नारायण तिवारी दोषी पाए गए। जिन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशक (प्रशासन) डा. पूजा पांडेय ने निलंबित करते हुए अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है। वहीं प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्घवेतन पर देय अवकाश वेतन की धनराशि के बराबर देय होगी। इस बाबत सीएमओ डा. एसपी राय ने बताया कि अभी मेरे यहां लिखित आदेश नहीं आया है। अगर आदेश मिलता है तो पालन किया जाएगा।
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निदेशक (प्रशासन) ने अपने 23 फरवरी 2018 के आदेश में उल्लेख किया है कि जनपद के कर्मचारियों के एरियर आदि के भुगतान में लाखों रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया था। जिसकी जांच अपर निदेशक, आजमगढ़ मंडल डा. रोशन सिंह पटेल द्वारा की गई थी। जिसमें वर्ष 2010-11 से 2013-14 तक अपने कार्य अवधि में एरियर का एक से अधिक बार आहरण किए जाने व कर्मचारियों को एरियर न देकर 3537583 रुपये गबन करना पाया गया। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक नीरज राय (स्थानांतरित), प्रधान सहायक अवधेश कुमार गुप्ता (स्थानांतरित) व जिला अस्पताल में तैनात प्रधान सहायक ओम नारायण तिवारी दोषी पाए गए। जिन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशक (प्रशासन) डा. पूजा पांडेय ने निलंबित करते हुए अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है। वहीं प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्घवेतन पर देय अवकाश वेतन की धनराशि के बराबर देय होगी। इस बाबत सीएमओ डा. एसपी राय ने बताया कि अभी मेरे यहां लिखित आदेश नहीं आया है। अगर आदेश मिलता है तो पालन किया जाएगा।
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