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सूखा राहत वितरण मामले में जांच में दोषी मिलने पर भी लेखपाल पर कार्रवाई नहीं
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:10 PM IST
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सिकंदरपुर। सूखा राहत वितरण मामले में शिकायतकर्ताओं के प्रत्यावेदन पर ऑनलाइन फीडिंग में लेखपाल जैनुद्दीन को जांच में दोषी दिखा दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही हैं। लेकिन तीन माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
मुख्य तहसील दिवस में कस्बा निवासी पिन्टू पाठक ने दो मई 2017 को तहसील दिवस में सूखा राहत न मिलने की शिकायत की थी। जिसके बाद जिलाधिकारी द्वारा जांच कराई गई तो लेखपाल जैनुद्दीन द्वारा चेक वितरण किए जाने की फर्जी रिपोर्ट विभाग को भेजने की जानकारी हुई। जब जांच हुई तो शिकायतकर्ता को चेक नहीं मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद लेखपाल जैनुद्दीन के विरुद्ध तत्कालीन उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी द्वारा विभागीय कार्रवाई करने का पत्र पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। ताकि मॉनीटरिंग में यह मिल सके कि इसमें कार्रवाई चल रही है। लेकिन तीन माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई और तो और लेखपाल का कुछ हल्को से प्रभार कम कर दिया गया। किन्तु आज तक चार्ज नहीं दिया गया।
इस संबंध में एसडीएम राजेश कुमार यादव का कहना है कि संबंधित लेखपाल के मामले पर कार्रवाई को लेकर जांच का पता लगवाता हूं। यदि लेखपाल दोषी पाए गए हैं तो अवश्य ही विभागीय कार्रवाई होगी।
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मुख्य तहसील दिवस में कस्बा निवासी पिन्टू पाठक ने दो मई 2017 को तहसील दिवस में सूखा राहत न मिलने की शिकायत की थी। जिसके बाद जिलाधिकारी द्वारा जांच कराई गई तो लेखपाल जैनुद्दीन द्वारा चेक वितरण किए जाने की फर्जी रिपोर्ट विभाग को भेजने की जानकारी हुई। जब जांच हुई तो शिकायतकर्ता को चेक नहीं मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद लेखपाल जैनुद्दीन के विरुद्ध तत्कालीन उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी द्वारा विभागीय कार्रवाई करने का पत्र पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। ताकि मॉनीटरिंग में यह मिल सके कि इसमें कार्रवाई चल रही है। लेकिन तीन माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई और तो और लेखपाल का कुछ हल्को से प्रभार कम कर दिया गया। किन्तु आज तक चार्ज नहीं दिया गया।
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इस संबंध में एसडीएम राजेश कुमार यादव का कहना है कि संबंधित लेखपाल के मामले पर कार्रवाई को लेकर जांच का पता लगवाता हूं। यदि लेखपाल दोषी पाए गए हैं तो अवश्य ही विभागीय कार्रवाई होगी।
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