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सीमावर्ती जिलों से हो रही शराब की तस्करी
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:43 PM IST
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बलिया। जिले में सालों से हो रही अवैध शराब की तस्करी पर अब तक पूरी तरह से रोक नहीं लग पाया है। बानगी के तौर पर देखा जाए तो पिछले तीन माह में लगभग आधा दर्जन से अधिक ट्रकों एवं गाड़ियों पर लदी शराब बरामद हो चुकी है। तस्करों पर अंकुश नहीं लग पाने की वजह यह भी है कि अब वह भी हाईटेक हो चुके हैं। विगत दिनों नगर के एससी कालेज व फेफना थाने के रामगढ़ के पास भारी मात्रा में जिस गाड़ी पर शराब बरामद की गई थी, उस गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा था। रामगढ़ में पकड़े गए कंटेनर में चालक के सीट से अंदर जाने का गुप्त दरवाजा पाया गया।
तू डाल-डाल तो हम पात-पात...वाली कहावत शराब तस्करों पर चरितार्थ हो रही है। कारण कि यूपी व बिहार की सरकारें शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए जितनी पुलिस महकमा को हाईटेक कर ही हैं। उतना ही शराब तस्कर भी हाईटेक होते जा रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में शराब के बिक्री पर पाबंदी तो लगा दिया गया है। लेकिन शराब तस्कर उसकी सीमा से जुड़े उत्तर प्रदेश के बलिया, गाजीपुर और चंदौली जिले से शराब लेकर वहां बेचने का काम कर रहे हैं। जिसके चलते बलिया, गाजीपुर और चंदौली के बिहार सीमा से जुड़े इलाकों में शराब की बिक्री बढ़ गई है। हालांकि जिले की पुलिस शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है और भारी संख्या में शराब बरामद तथा अभियुक्ताें को गिरफ्तार भी कर रही है। लेकिन शराब तस्कर भी पुलिस महकमा को चकमा देकर तस्करी करने में सफल हो जा रहे है। आलम यह है कि शराब तस्कर सड़क व जलमार्ग के साथ ही ट्रेन से भी शराब की खेप पुलिस के मिलीभगत से बिहार सप्लाई कर रहे है। सरकार अपराध, लूट, छिनैती, हत्या, पशु व शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस महकमा को हाईटेक कर रही है। वहीं तस्कर भी पुलिस महकमा की भांति हाईटेक हो रहे है। आलम यह है कि तस्कर वाहनों में जीपीएस सिस्टम (ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम) लगाकर नियत स्थान से मानिटरिंग कर शराब की तस्करी कर रहे है। यहीं नहीं शराब तस्कर लग्जरी वाहनों से भी पुलिस को चकमा देकर तस्करी कर रहे है। हालांकि पुलिस द्वारा यूपी-बिहार सीमा पर पैनी नजर रखी जाती है। बावजूद तस्कर पुलिस को चकमा देकर या पुलिस से सांठगाठ कर शराब के खेप को आसानी से बिहार भेज देते है।
इनसेट...
केस-एक
सुखपुरा पुलिस ने पिछले वर्ष थाना क्षेत्र के नगरी गांव स्थित एक फार्म से गोवा व चंडीगढ़ निर्मित लाखों रुपये की अवैध शराब को बरामद किया था। इसके अलावा तीन अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान किया था। यह शराब एक ट्रक पर वाटर फिल्टर की आड़ में फार्म हाउस पर पहुंची थी।
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केस-दो
रसड़ा पुलिस ने पिछले वर्ष जाम गांव के पास से व्हाइट सीमेंट की आड़ में गोवा व चंडीगढ़ निर्मित लाखों रुपये की अवैध शराब को ट्रक से बरामद किया था। वहीं एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर सबंधित धाराओं में चालान कर दिया था।
केस-तीन
शहर कोतवाली पुलिस ने एक ट्रक चंडीगढ़ निर्मित करीब 70 लाख की शराब बरामद किया। इसके साथ ही एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। ट्रक में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था।
केस-चार
फेफना थाना क्षेत्र के रामगढ़ के पास फेफना पुलिस ने एक कंटेनर में लदी 42 लाख की शराब बरामद किया। इसके साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। कंटेनर के आगे व पीछे 60 से 70 टूटी कुर्सियां लादी गई थी।
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तू डाल-डाल तो हम पात-पात...वाली कहावत शराब तस्करों पर चरितार्थ हो रही है। कारण कि यूपी व बिहार की सरकारें शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए जितनी पुलिस महकमा को हाईटेक कर ही हैं। उतना ही शराब तस्कर भी हाईटेक होते जा रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में शराब के बिक्री पर पाबंदी तो लगा दिया गया है। लेकिन शराब तस्कर उसकी सीमा से जुड़े उत्तर प्रदेश के बलिया, गाजीपुर और चंदौली जिले से शराब लेकर वहां बेचने का काम कर रहे हैं। जिसके चलते बलिया, गाजीपुर और चंदौली के बिहार सीमा से जुड़े इलाकों में शराब की बिक्री बढ़ गई है। हालांकि जिले की पुलिस शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है और भारी संख्या में शराब बरामद तथा अभियुक्ताें को गिरफ्तार भी कर रही है। लेकिन शराब तस्कर भी पुलिस महकमा को चकमा देकर तस्करी करने में सफल हो जा रहे है। आलम यह है कि शराब तस्कर सड़क व जलमार्ग के साथ ही ट्रेन से भी शराब की खेप पुलिस के मिलीभगत से बिहार सप्लाई कर रहे है। सरकार अपराध, लूट, छिनैती, हत्या, पशु व शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस महकमा को हाईटेक कर रही है। वहीं तस्कर भी पुलिस महकमा की भांति हाईटेक हो रहे है। आलम यह है कि तस्कर वाहनों में जीपीएस सिस्टम (ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम) लगाकर नियत स्थान से मानिटरिंग कर शराब की तस्करी कर रहे है। यहीं नहीं शराब तस्कर लग्जरी वाहनों से भी पुलिस को चकमा देकर तस्करी कर रहे है। हालांकि पुलिस द्वारा यूपी-बिहार सीमा पर पैनी नजर रखी जाती है। बावजूद तस्कर पुलिस को चकमा देकर या पुलिस से सांठगाठ कर शराब के खेप को आसानी से बिहार भेज देते है।
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केस-एक
सुखपुरा पुलिस ने पिछले वर्ष थाना क्षेत्र के नगरी गांव स्थित एक फार्म से गोवा व चंडीगढ़ निर्मित लाखों रुपये की अवैध शराब को बरामद किया था। इसके अलावा तीन अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान किया था। यह शराब एक ट्रक पर वाटर फिल्टर की आड़ में फार्म हाउस पर पहुंची थी।
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केस-दो
रसड़ा पुलिस ने पिछले वर्ष जाम गांव के पास से व्हाइट सीमेंट की आड़ में गोवा व चंडीगढ़ निर्मित लाखों रुपये की अवैध शराब को ट्रक से बरामद किया था। वहीं एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर सबंधित धाराओं में चालान कर दिया था।
केस-तीन
शहर कोतवाली पुलिस ने एक ट्रक चंडीगढ़ निर्मित करीब 70 लाख की शराब बरामद किया। इसके साथ ही एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। ट्रक में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था।
केस-चार
फेफना थाना क्षेत्र के रामगढ़ के पास फेफना पुलिस ने एक कंटेनर में लदी 42 लाख की शराब बरामद किया। इसके साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। कंटेनर के आगे व पीछे 60 से 70 टूटी कुर्सियां लादी गई थी।