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थाना पर तिरंगा फहराने के लिए 16 क्रांतिकारियों ने दी थी कुर्बानी

Tue, 17 Aug 2021 10:17 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 10:17 PM IST
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16 revolutionaries had sacrificed to hoist the tricolor at the police station
बैरिया। जिले में कई दिनों से चल रहे अगस्त क्रांति का असर हरेक नागरिक पर हो चला था। जो जहां था वहीं से अंग्रेजी हुकूमत का विरोध करने के लिए कमर कस चुका था। एक दिन पहले बांसडीह में क्रांतिकारियों को मिली विजय से आम लोगों के हौसले काफी बुलंद थे। भयभीत जिला प्रशासन को जान बचाने के लिए भी जुगत लगानी पड़ रही थी।
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अगस्त क्रांति में जिलेभर के रेलवे स्टेशन फूंक दिए गए थे और रेल पटरियों को उखाड़ दिया गया था। दो दिन पहले बैरिया में भूपनारायण सिंह, सुदर्शन सिंह के साथ हजारों की भीड़ के आगे थानेदार काजिम ने खुद ही थाने पर तिरंगा फहराया था और थाना खाली करने के लिए क्रांतिकारियों से दो दिन की मोहलत मांगी थी। लेकिन थानेदार ने उसी दिन रात में जिला मुख्यालय से पांच सशस्त्र पुलिसकर्मियों को बुला लिया था और रात में तिरंगे को उतारकर फेंकवा दिया। इसकी भनक लगते ही क्रांतिकारियों ने थानेदार से बदला लेने के लिए 18 अगस्त तय किया था। दोपहर होते-होते 25 हजार से अधिक की भीड़ ने थाने को घेर लिया। महिलाओं के जत्थे की अगुवाई धनेश्वरी देवी, तेतरी देवी, राम झरिया देवी कर रही थीं। भूपनारायण सिंह, सुदर्शन सिंह, परशुराम सिंह, बलदेव सिंह, हरदेव सिंह, राजकिशोर सिंह, बैजनाथ साह, राजकुमार मिश्र आदि भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे। थाने पर बढ़ती भीड़ को देख थानेदार ने थाने के छत पर सिपाहियों संग पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया। इस बीच क्रांतिकारियों से थानेदार ने बात की लेकिन क्रांतिकारी इस धोखेबाज थानेदार पर विश्वास नहीं कर रहे थे। इसी बीच कुछ लोग थाने में बगल से घुस गए और थाने के घोड़े को खोलकर अस्तबल ढहा दिया इसके बाद सैकड़ों की भीड़ थाने में घुस गई। यह देख पुलिस ने गोली चलानी शुरु की तो उधर क्रांतिकारियों ने भी पथराव शुरु कर दिया। कौशल कुमार छलांग लगाकर तिरंगा लिए थाने की छत पर पहुंच गए उसे फहरा दिया, लेकिन पुलिस ने गोली मार दी जिससे वह शहीद हो नीचे गिर पड़े। शाम तक चले इस संघर्ष में 16 लोग थाने परिसर में ही शहीद हो गए लेकिन भीड़ जमी रही। कारतूस खत्म होने के कारण थानेदार और सिपाही जिस ओर क्रांतिकारी नहीं थे उस ओर से भाग खड़े हुए।
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तिरंगा फहराने के दौरान थाने में शहीद हुए 16 क्रांतिकारी
बैरिया। थाना परिसर में शहीद होने वालों में गोन्हिया छपरा निवासी निर्भय कुमार सिंह, देवबसन कोइरी, विशुनपुरा निवासी नरसिंह राय, तिवारी के मिल्की निवासी रामजनम गोंड, चांदपुर निवासी रामप्रसाद उपाध्याय, टोलागुदरीराय निवासी मैनेजर सिंह, सोनबरसा निवासी रामदेव कुम्हार, बैरिया निवासी रामबृक्ष राय, रामनगीना सोनार, छठू कमकर, देवकी सोनार, शुभनथही निवासी धर्मदेव मिश्र, मुरारपट्टी निवासी श्रीराम तिवारी, बहुआरा निवासी मुक्तिनाथ तिवारी, श्रीपालपुर निवासी विक्रम सोनार, भगवानपुर निवासी भीम अहीर शामिल थे। जबकि दयाछपरा निवासी गदाधर नाथ पांडेय, मधुबनी निवासी गौरीशंकर राय, गंगापुर निवासी रामरेखा शर्मा सहित तीन लोगों की जेल यातना में मौत हो गई।
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मेला व श्रद्धांजलि सभा को लेकर नहीं रहा पहले की तरह उत्साह
बैरिया। शहीद दिवस के मौके पर बैरिया थाना के पास शहीद स्मारक के सामने लगने वाले मेले व श्रद्धांजलि सभा को लेकर पहले जैसा अब उत्साह नहीं दिखता। प्रबुद्ध लोगों ने कहा कि अपने शहीदों को याद करने के लिए एक दशक पहले लोगों में एक अलग तरह की उमंग हुआ करता था। वह उमंग अब देखने को नहीं मिल रही है। जनप्रतिनिधि भी शहीदों के लिए सिर्फ भाषण बाजी के अलावा कुछ नहीं करते। उनके मार्गदर्शन पर चलने की बातें तो सभी करते हैं, लेकिन मंच से हटते ही स्वार्थ व बर्चस्व की लड़ाई में लगख्न जाते हैं। लोगों ने कहा कि सही मायने में हमारा असली हीरो तो देश की सुरक्षा करने वाले सैनिक हैं। टेंगरहीं के प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि अब शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहले जैसा उमंग नहीं रहा। पहले युवाओं, समाजसेवियों, नेताओ व जनप्रतिनिधियों में शहीद दिवस मनाने के लिए उमंग हुआ करता था। लेकिन अब वह उत्साह देखने को नहीं मिलता। कांग्रेस नेता सीबी मिश्र ने कहा कि अब शहीदों को याद करने के नाम पर बड़ी बड़ी बातें की जाती हैं। लेकिन वास्तव में हमारे जनप्रतिनिधियों को आत्म चिंतन करने की जरूरत है कि हमने क्या किया। नवकागांव के प्रधान प्रतिनिधि रविप्रताप सिंह ने कहा कि शहीदों को याद कर उनके नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने से शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकती। सच्ची श्रद्धांजलि तो तब होगी जब निस्वार्थ भाव से क्षेत्र का विकास किया जाय। करमानपुर के प्रधान प्रतिनिधि पप्पू मौर्य ने कहा कि शहीदों की श्रद्धांजलि सभा में आम लोग अब आने से कतराने लगे हैं, कारण की आम लोगों का विश्वास अब अपने नेता व जनप्रतिनिधियों के प्रति नहीं रहा। सपा नेता सूर्यभान सिंह ने कहा कि किसी भी मायने में देश के धरोहर शहीदों व सैनानियों को भुलाया नहीं जा सकता है। उनकी बदौलत हम अपने को स्वतंत्र मानते हैं।

शहीदों को पुष्पांजलि देने के लिए आज लगेगा मेला
बैरिया। शहीद स्मारक के प्रांगण में 18 अगस्त बुधवार को शहीदों को पुष्पांजलि देने के लिए मेला लगेगा। विभन्न दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद श्रद्धांजलि देंगे। पिछले वर्षों तक सर्वदलीय मंच से शहीदों को श्रद्धांजलि देने की परम्परा रही है। लेकिन जहा मंच लगता था इस बार भूस्वामी द्वारा बाउंड्री वाल खड़ा कर दिया गया है, जिससे इस बार मंच नहीं लगने की संभावना है।
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