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सक्रिय क्षयरोगी खोज अभियान के पहले दिन पाये गए तीन पॉजिटिव
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बलिया। जनपद में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान सोमवार से शुरू हो चुका है जो 22 जून तक चलेगा। इस अभियान के दौरान कुल 185 टीम बनायीं गयी हैं जिन्होंने घर-घर जाकर संदिग्ध टीबी मरीजों की खोज शुरू कर दी हैं। संदिग्ध मरीजों के बलगम के नमूने मौके पर ही लिए जा रहे हैं ताकि टीबी की पुष्टि के बाद मरीजों का उपचार वही शुरू किया जा सके । इसके साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह 500 रुपये भी रहे हैं।
इस क्रम में पहले दिन यानि सोमवार को 38,670 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी जिसमें 167 लोगों का बलगम जांच के लिए एकत्रित किया गया। जांच के बाद तीन पॉजिटिव पाये गये और उन्हें इलाज पर रखा गया। पहले दिन 9,668 घरों में विजिट की गयी। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. के.डी प्रसाद ने बताया कि जनपद में 16 टीबी यूनिट है। इस यूनिट के माध्यम से सोमवार से सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान की शुरुआत की गयी है। इस अभियान में कुल 185 टीमें लगाई गई हैं जो घर-घर टीबी रोगियों को खोजेंगी। साथ ही 37 सुपरवाईजर टीमों की निगरानी करेंगे। उन्होने बताया कि इस बार कुल 3.69 लाख आबादी को लक्षित किया गया है जो भी संदिग्ध मरीज मिलेगा, टीम उसका मौके पर ही नमूना लेगी।
इसके बाद दूसरी सुबह खाली पेट उस मरीज के बलगम का दूसरा नमूना लिया जाएगा जिसकी जांच जिला टीबी यूनिट में की जाएगी। टीबी रोग की पुष्टि होने के बाद मरीजों का नि:शुल्क उपचार शुरू होगा। इसी के साथ जो भी प्राइवेट चिकित्सक, आशा, एएनएम किसी टीबी के संदिग्ध मरीज को रेफर करता है तो उनको प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने टीबी के लक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी का आना, खांसी के साथ बलगम का आना, बुखार आना (विशेष रूप से शाम को बढ़ने वाला), वजन का घटना, भूख कम लगना, सीने में दर्द, सोते समय पसीने आना, बलगम के साथ खून आना आदि इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है कि वह भ्रमण कर रही टीम द्वारा घर के सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग कराएं जिससे टीबी के मरीजों में निरंतर कमी लायी जा सके।
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इस क्रम में पहले दिन यानि सोमवार को 38,670 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी जिसमें 167 लोगों का बलगम जांच के लिए एकत्रित किया गया। जांच के बाद तीन पॉजिटिव पाये गये और उन्हें इलाज पर रखा गया। पहले दिन 9,668 घरों में विजिट की गयी। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. के.डी प्रसाद ने बताया कि जनपद में 16 टीबी यूनिट है। इस यूनिट के माध्यम से सोमवार से सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान की शुरुआत की गयी है। इस अभियान में कुल 185 टीमें लगाई गई हैं जो घर-घर टीबी रोगियों को खोजेंगी। साथ ही 37 सुपरवाईजर टीमों की निगरानी करेंगे। उन्होने बताया कि इस बार कुल 3.69 लाख आबादी को लक्षित किया गया है जो भी संदिग्ध मरीज मिलेगा, टीम उसका मौके पर ही नमूना लेगी।
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इसके बाद दूसरी सुबह खाली पेट उस मरीज के बलगम का दूसरा नमूना लिया जाएगा जिसकी जांच जिला टीबी यूनिट में की जाएगी। टीबी रोग की पुष्टि होने के बाद मरीजों का नि:शुल्क उपचार शुरू होगा। इसी के साथ जो भी प्राइवेट चिकित्सक, आशा, एएनएम किसी टीबी के संदिग्ध मरीज को रेफर करता है तो उनको प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने टीबी के लक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी का आना, खांसी के साथ बलगम का आना, बुखार आना (विशेष रूप से शाम को बढ़ने वाला), वजन का घटना, भूख कम लगना, सीने में दर्द, सोते समय पसीने आना, बलगम के साथ खून आना आदि इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है कि वह भ्रमण कर रही टीम द्वारा घर के सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग कराएं जिससे टीबी के मरीजों में निरंतर कमी लायी जा सके।
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