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बिंद, निषाद समाज को न्याय दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
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बलिया। सदर तहसील और बांसडीहरोड थाना क्षेत्र घघरौली गांव में 29 मई को हुई मारपीट के मामले में पीड़ितों ने पुलिस टीम पर घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग को लेकर बिंद समाज की महिलाओं ने सोमवार को सपा नेता लक्ष्मण गुप्ता के नेतृत्व बिंद ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल के नाम संबोधित पत्रक डीएम को देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस दौरान जिलाधिकारी को 15 दिन की मोहलत देते हुए चेताया कि अगर इस मामले में न्याय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगेे।
राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव लौटन राम निषाद ने आरोप लगाया कि तहसील और थाने की पुलिस टीम ने गोंड, बिंद और निषाद समाज के परिवार के लोगों पर अत्याचार किया गया है। पुलिस ने तहसील प्रशासन के इशारे पर घर में घुसकर तोड़फोड़ के साथ बड़े-बूढ़े और बच्चों को बेरहमी से पीटा। इसके अलावा 70 पुरुष, महिलाओं और नाबालिग लड़के-लड़कियों पर 307 का मुकदमा कायम कर जेल में बंद कर दिया। कहा कि गायत्री गोंड, सरिता बिंद, अविनाश बिंद, अर्जुन बिंद सहित कई नाबालिग बच्चों को बंद करवा दिया गया। इस मौके पर सपा के नगर विस नेता लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि तहसील व थाना प्रशासन ने मानवाधिकार की खुली हत्या कर गांव में दहशत का माहौल कायम किया गया है।
चेताया कि अगर इस प्रकरण में 15 दिन के भीतर न्याय नहीं मिला तो हम खुली जंग छेड़ने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर समाजिक नेता नंदलाल निषाद व अरविंद निषाद ने जिला प्रशासन से लोगों पर दायर मुकदमें वापस किए जाने की मांग की। धरना के दौरान डा. रोहित निषाद, रविंद्र बिंद, ज्ञानेश्वर कश्यप, दिनेश बिंद, सहनी विरेंद्र निषाद, वशिष्ठ बिंद, राजेश साहनी, डा. चंद्रशेखर, संजय साहनी, रमेश भारद्वाज, स्वामीनाथ साहनी, सहजानंद बिंद, संजय साहनी, प्रधान, राजेश बिंद आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव लौटन राम निषाद ने आरोप लगाया कि तहसील और थाने की पुलिस टीम ने गोंड, बिंद और निषाद समाज के परिवार के लोगों पर अत्याचार किया गया है। पुलिस ने तहसील प्रशासन के इशारे पर घर में घुसकर तोड़फोड़ के साथ बड़े-बूढ़े और बच्चों को बेरहमी से पीटा। इसके अलावा 70 पुरुष, महिलाओं और नाबालिग लड़के-लड़कियों पर 307 का मुकदमा कायम कर जेल में बंद कर दिया। कहा कि गायत्री गोंड, सरिता बिंद, अविनाश बिंद, अर्जुन बिंद सहित कई नाबालिग बच्चों को बंद करवा दिया गया। इस मौके पर सपा के नगर विस नेता लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि तहसील व थाना प्रशासन ने मानवाधिकार की खुली हत्या कर गांव में दहशत का माहौल कायम किया गया है।
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चेताया कि अगर इस प्रकरण में 15 दिन के भीतर न्याय नहीं मिला तो हम खुली जंग छेड़ने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर समाजिक नेता नंदलाल निषाद व अरविंद निषाद ने जिला प्रशासन से लोगों पर दायर मुकदमें वापस किए जाने की मांग की। धरना के दौरान डा. रोहित निषाद, रविंद्र बिंद, ज्ञानेश्वर कश्यप, दिनेश बिंद, सहनी विरेंद्र निषाद, वशिष्ठ बिंद, राजेश साहनी, डा. चंद्रशेखर, संजय साहनी, रमेश भारद्वाज, स्वामीनाथ साहनी, सहजानंद बिंद, संजय साहनी, प्रधान, राजेश बिंद आदि मौजूद रहे।
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