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वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर उठ रहे सवाल
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:36 AM IST
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बलिया। सदर तहसील में मतदाता सूची बनाने में हुई धांधली को लेकर अधिकारियों ने केवल संभावना के आधार पर ही पूर्व ऑपरेटर पर मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि इस मामले की जांच जहां निर्वाचन आयोग की ओर से कराया जा रहा है वहीं पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है।
सदर तहसील में मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत 15 जुलाई तक सूची को दुरुस्त करने का काम किया गया। इस दौरान की गई गड़बड़ी सामने आई। पूर्व मंत्री समेत चार मतदाताओं की फोटो के स्थान पर जानवरों के चित्र लगाए गए और इसमें इस महिला मतदाता की फोटो की जगह तो सनी लियोनी की तस्वीर लगा दी गई। मामला सामने पर आनन-फानन में तहसीलदार की ओर से 19 अगस्त को तहसील के पूर्व डाटा ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया। यहां सवाल यह है कि नियमानुसार बीएलओ की ओर से प्रमाणित फार्म तहसीलों में जमा की जाती है और इसे डाटा इंट्री आपरेटर की ओर से फीड किया जाता है। इसकी जांचोपरांत तहसीलदार की ओर से संस्तुति व संबंधित विधान सभा के आरओ की ओर से संस्तुति की जाती है। अधिकारियों का दावा है कि सदर तहसील में कार्यरत पूर्व डाटा आपरेटर स्थानांतरण से नाराज था और उसे कई लेखपाल व अधिकारियों की आईडी पासवर्ड की जानकारी थी। सवाल उठता है कि एक संविदा कर्मी के पास लेखपाल से लेकर अधिकारियों तक की आईडी पासवार्ड कैसे पहुंची? तो क्या अधिकारी स्वयं मतदाता सूची का परीक्षण आदि नहीं कर संविदाकर्मियों के माध्यम से ही कराते हैं? जब पूर्व डाटा आपरेटर का स्थानांतण 28 मार्च को ही हो गया और गड़बड़ी 23 जून से 15 जुलाई के बीच हुई फीडिंग व अप्रूवल में हुआ तो इस दौरान तैनात कर्मियों व अधिकारियों को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? जांच अधिकारी व एप्रूवल अथारिटी की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की जा रही? इस तरह के कई सवाल अब उठने शुरु हो गए हैं। हालांकि इस मामले की जांच अब निर्वाचन आयोग की ओर भी की जा रही है। उधर, अधिकारियों ने नाम पर गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया गया है। इस मामले को निर्वाचन आयोग ने भी संज्ञान लिया और पड़ताल भी कर रही है। प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर ही पूर्व डाटा ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। - डा. विश्राम, नगर मजिस्ट्रेट, बलिया
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सदर तहसील में मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत 15 जुलाई तक सूची को दुरुस्त करने का काम किया गया। इस दौरान की गई गड़बड़ी सामने आई। पूर्व मंत्री समेत चार मतदाताओं की फोटो के स्थान पर जानवरों के चित्र लगाए गए और इसमें इस महिला मतदाता की फोटो की जगह तो सनी लियोनी की तस्वीर लगा दी गई। मामला सामने पर आनन-फानन में तहसीलदार की ओर से 19 अगस्त को तहसील के पूर्व डाटा ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया। यहां सवाल यह है कि नियमानुसार बीएलओ की ओर से प्रमाणित फार्म तहसीलों में जमा की जाती है और इसे डाटा इंट्री आपरेटर की ओर से फीड किया जाता है। इसकी जांचोपरांत तहसीलदार की ओर से संस्तुति व संबंधित विधान सभा के आरओ की ओर से संस्तुति की जाती है। अधिकारियों का दावा है कि सदर तहसील में कार्यरत पूर्व डाटा आपरेटर स्थानांतरण से नाराज था और उसे कई लेखपाल व अधिकारियों की आईडी पासवर्ड की जानकारी थी। सवाल उठता है कि एक संविदा कर्मी के पास लेखपाल से लेकर अधिकारियों तक की आईडी पासवार्ड कैसे पहुंची? तो क्या अधिकारी स्वयं मतदाता सूची का परीक्षण आदि नहीं कर संविदाकर्मियों के माध्यम से ही कराते हैं? जब पूर्व डाटा आपरेटर का स्थानांतण 28 मार्च को ही हो गया और गड़बड़ी 23 जून से 15 जुलाई के बीच हुई फीडिंग व अप्रूवल में हुआ तो इस दौरान तैनात कर्मियों व अधिकारियों को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? जांच अधिकारी व एप्रूवल अथारिटी की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की जा रही? इस तरह के कई सवाल अब उठने शुरु हो गए हैं। हालांकि इस मामले की जांच अब निर्वाचन आयोग की ओर भी की जा रही है। उधर, अधिकारियों ने नाम पर गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया है।
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मतदाता सूची में गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया गया है। इस मामले को निर्वाचन आयोग ने भी संज्ञान लिया और पड़ताल भी कर रही है। प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर ही पूर्व डाटा ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। - डा. विश्राम, नगर मजिस्ट्रेट, बलिया
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