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निकाय चुनाव : बागी बिगाड़ सकते हैं चुनावी खेल
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:58 PM IST
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बलिया। निकाय चुनाव को लेकर मैदान में उतरे प्रत्याशी जहां चुनाव प्रचार में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर टिकट नहीं मिलने से खफा प्रमुख राजनीतिक दलों के कुछ बागियों के तेवर भी कम तल्ख नहीं दिख रहे। वह अभी खुलकर तो सामने नहीं आए हैं, लेकिन दूसरे दलों अथवा निर्दलियों को सहयोग करने का आश्वासन देने लगे हैं। ऐसे में यह बागी चुनावी बिसात को खराब करने में अहम होंगे।
जनपद के दो नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में निकाय चुनाव होंगे। टिकट को लेकर विगत दिनों विभिन्न राजनीतिक दलों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। दावेेदारों की बात की जाए तो प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और सपा में इनकी संख्या अधिक रही। पार्टी के शीर्ष नेताओं की संस्तुति पर टिकट का बंटवारा तो हो गया, लेकिन दूसरी ओर टिकट नहीं मिलने से पार्टी के कुछ नेताओं में नाराजगी भी देखी गई। इसमें कई ऐसे नेता भी हैं, जो पार्टी में लंबे समय से चल रहे थे। पार्टी के शीर्ष नेताओं को इसका अंदाजा था, जिसके लिए उन्होंने कुछ नेताओं को आनन-फानन में संगठन में विशेष जगह भी दी।
वहीं दूसरी ओर कुछ निकायों में ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में उतरे हैं, जो राजनीतिक दलों से टिकट नहीं मिलने पर निर्दल के रूप में पर्चा भरकर अपनी दावेदारी कर रहे हैं। बलिया नगर पालिका और अन्य नगर पंचायतों में टिकट नहीं मिलने से खफा कुछ नेता इतने खफा हैं कि बागी तेवर भी अपना लिए हैं। खुलकर तो नहीं, लेकिन पार्टी प्रत्याशी को सहयोग न करके निर्दलियों एवं अपने खास प्रत्याशियों को सपोर्ट करने लगे हैं। शायद यहीं वजह है कि कई नेता अभी तक पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में उतरे नहीं हैं।
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जनपद के दो नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में निकाय चुनाव होंगे। टिकट को लेकर विगत दिनों विभिन्न राजनीतिक दलों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। दावेेदारों की बात की जाए तो प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और सपा में इनकी संख्या अधिक रही। पार्टी के शीर्ष नेताओं की संस्तुति पर टिकट का बंटवारा तो हो गया, लेकिन दूसरी ओर टिकट नहीं मिलने से पार्टी के कुछ नेताओं में नाराजगी भी देखी गई। इसमें कई ऐसे नेता भी हैं, जो पार्टी में लंबे समय से चल रहे थे। पार्टी के शीर्ष नेताओं को इसका अंदाजा था, जिसके लिए उन्होंने कुछ नेताओं को आनन-फानन में संगठन में विशेष जगह भी दी।
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वहीं दूसरी ओर कुछ निकायों में ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में उतरे हैं, जो राजनीतिक दलों से टिकट नहीं मिलने पर निर्दल के रूप में पर्चा भरकर अपनी दावेदारी कर रहे हैं। बलिया नगर पालिका और अन्य नगर पंचायतों में टिकट नहीं मिलने से खफा कुछ नेता इतने खफा हैं कि बागी तेवर भी अपना लिए हैं। खुलकर तो नहीं, लेकिन पार्टी प्रत्याशी को सहयोग न करके निर्दलियों एवं अपने खास प्रत्याशियों को सपोर्ट करने लगे हैं। शायद यहीं वजह है कि कई नेता अभी तक पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में उतरे नहीं हैं।
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