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अधिवक्ताओं ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:00 AM IST
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बलिया। आरटीई एक्ट के तहत निजी विद्यालयों व बीएसए कार्यालय के बाबुओं की मनमानी के खिलाफ सोमवार अधिवक्ताओं ने बीएसए को 13 सूत्री ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वह आमरण अनशन का सहारा लेंगे।
अधिवक्ताओं ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से तीन स्कूलों सेक्रेट हर्ट स्कूल सहरसपाली, आरके मिशन स्कूल सागरपाली व हैवेन पब्लिक स्कूल शंकरपुर मंझौली की मान्यता प्रत्याहरित करने का आदेश दिया गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि तीन चरणों के प्रवेश में ऐस विद्यालयों के नाम से लेटर जारी हुए हैं जिनकी मान्यता नहीं है, ऐसे अभिभावकों को मान्यताप्राप्त विद्यालयों के नाम से लेटर जारी किया जाए। बताया कि डीएम व बीएसए के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी एडमिशन लेटर के बाद भी प्रवेश नहीं लिया जा रहा है और बच्चों का आधार कार्ड, राशनकार्ड आदि मांग कर परेशान किया जा रहा है। पिछले वर्ष के अभिभावकों को मिलने वाला पांच हजार रुपये का चेक बिना संशोधित किए वापस कर दिया गया है जिससे अभिभावकों के खाते में पैसा नहीं आ रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि एडमिशन लेटर लेकर जाने के बावजूद अभिभावकों से धनराशि वसूली जा रही है और बीएसए कार्यालय में भी एडमिशन लेटर देने के लिए सुविधा शुल्क ली जा रही है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि इस तरह की मनमानी पर रोक लगाने के कार्रवाई करें अन्यथा आमरण अनशन किया जाएगा। इस मौके पर मनोज राय हंस, अरविंद गुप्ता, सोनू प्रसाद गुप्ता, रणवीर कुमार, जयप्रकाश मौर्य, अनिल कुमार वर्मा, राधेश्याम पांडेय, राजेश प्रसाद, राम अवतार आदि रहे।
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अधिवक्ताओं ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से तीन स्कूलों सेक्रेट हर्ट स्कूल सहरसपाली, आरके मिशन स्कूल सागरपाली व हैवेन पब्लिक स्कूल शंकरपुर मंझौली की मान्यता प्रत्याहरित करने का आदेश दिया गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि तीन चरणों के प्रवेश में ऐस विद्यालयों के नाम से लेटर जारी हुए हैं जिनकी मान्यता नहीं है, ऐसे अभिभावकों को मान्यताप्राप्त विद्यालयों के नाम से लेटर जारी किया जाए। बताया कि डीएम व बीएसए के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी एडमिशन लेटर के बाद भी प्रवेश नहीं लिया जा रहा है और बच्चों का आधार कार्ड, राशनकार्ड आदि मांग कर परेशान किया जा रहा है। पिछले वर्ष के अभिभावकों को मिलने वाला पांच हजार रुपये का चेक बिना संशोधित किए वापस कर दिया गया है जिससे अभिभावकों के खाते में पैसा नहीं आ रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि एडमिशन लेटर लेकर जाने के बावजूद अभिभावकों से धनराशि वसूली जा रही है और बीएसए कार्यालय में भी एडमिशन लेटर देने के लिए सुविधा शुल्क ली जा रही है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि इस तरह की मनमानी पर रोक लगाने के कार्रवाई करें अन्यथा आमरण अनशन किया जाएगा। इस मौके पर मनोज राय हंस, अरविंद गुप्ता, सोनू प्रसाद गुप्ता, रणवीर कुमार, जयप्रकाश मौर्य, अनिल कुमार वर्मा, राधेश्याम पांडेय, राजेश प्रसाद, राम अवतार आदि रहे।
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