फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   आलू किसानों की टूटी कमर

आलू किसानों की टूटी कमर

Sat, 06 Jan 2018 11:01 PM IST
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:01 PM IST
विज्ञापन
आलू किसानों की टूटी कमर
बलिया। खेती कर अनाज पैैदा करने वाले किसानों की हालत इन दिनों खस्ता नजर आ रही है। जिस आलू को किसानों ने कड़ी मेहनत से इस उम्मीद के साथ पैदा किया कि वो उन्हें बाजार में अच्छी कीमत दिलाएगा, वहीं आलू अब सड़कों और खेतों में फेंका जा रहा है। बाजार में बेशक आलू 5 से 7 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा हो लेकिन किसानों को आलू के दाम दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से भी नहीं मिल रहे हैं। इस साल भी अच्छी पैदावार के बाद नए आलू के बाजार में आने से पुराने आलू को कोई नहीं पूछ रहा है। लिहाजा, किसान पुराना आलू सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि उनकी आलू खरीदने के लिए सरकार कोई पहल करे, ताकि उनको उचित दाम मिल सके।
विज्ञापन

आसचौरा गांव निवासी किसान राजनारायण वर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश में आलू किसानों के लिए अभिशाप बन गया है। इसकी वजह ये है कि देशभर में आलू की इस बार भी अच्छी पैदावार हुई है। देश में जितनी मांग है उससे कहीं ज्यादा बाजार में नए आलू की भरमार है। ऐसे में आलू की अच्छी फसल के जरिए किसानों के भारी लाभ कमाने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। जनपद में आगरा व अन्य क्षेत्रों से आलू आ जाने से आलू का भाव काफी गिर गया है। ऐसे में उनको आलू का भाव नहीं मिल पा रहा है। आलू की खेती घाटे की साबित हो रही है।
विज्ञापन

फुलवरिया निवासी किसान अनिल सिंह का कहना है कि अगर वो अपने पुराने आलू को कोल्ड स्टोरेज से निकाल कर बाजार में बेचते हैं तो उन्हें भारी नुकसान होगा। साफ है आलू की बंपर पैदावार से बाजार में दाम इस कदर गिरे हैं कि किसान कोल्ड स्टोरेज में रखा पुराना आलू निकालने को तैयार नहीं। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज मालिक घाटे की परवाह किए बगैर आलू को मजबूरन बाहर खेतों और सड़कों पर किसान फेंकने को विवश हैं। चंद्रपुरा निवासी किसान केदार सिंह, चंद्रशेखर, घनश्याम आदि का कहना है कि आलू की स्थिति यह है कि लागत भी नहीं निकल पा रही है। एक बीघा खेत में आलू की पैदावार करने में 30 हजार रुपये करीब लागत आती है, इन दिनों जो आलू का भाव है, उसमें 18 से 20 हजार रुपये ही बमुश्किल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर पहल करनी होगी। किसानों का आलू खरीदने की व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि उन्हें नुकसान न हो। यदि सरकार ने इसपर जल्द ही निर्णय नहीं लिया तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed