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ओजस्विपूर्ण वाणी से मंत्रमुग्ध हुए अभिभावक
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:11 PM IST
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रसड़ा। क्षेत्र के अखनपुरा गांव स्थित नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित संस्कृत भारती के तत्वावधान में संस्कृत सप्ताह प्रतियोगिता का समापन हुआ। एक सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम में श्लोक प्रतियोगिता, अंत्याक्षरी प्रतियोगिता, गीत प्रतियोगिता आयोजित की गई। संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे मनोयोग से संस्कृत लघु कथा प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
छात्रों ने संस्कृत में अपने ओजस्वी पूर्ण वाणी द्वारा लघु कथा प्रस्तुति कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवत गीता के श्लोकों का स्वर वाचन था। जिसमें नीतेश पांडेय ने सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रज्ञा जायसवाल द्वितीय तथा प्रज्ञा तिवारी को तृतीय स्थान मिला। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह ने देश में संस्कृत और संस्कृति की रक्षा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि अगर भारत को परम वैभव पर पहुंचाना है तो संस्कृत और संस्कृति की रक्षा जरूरी है। सतीश पांडेय, रणजीत सिंह, रामजी ठाकुर , जयराम कुशवाहा, नंद लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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छात्रों ने संस्कृत में अपने ओजस्वी पूर्ण वाणी द्वारा लघु कथा प्रस्तुति कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवत गीता के श्लोकों का स्वर वाचन था। जिसमें नीतेश पांडेय ने सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रज्ञा जायसवाल द्वितीय तथा प्रज्ञा तिवारी को तृतीय स्थान मिला। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह ने देश में संस्कृत और संस्कृति की रक्षा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि अगर भारत को परम वैभव पर पहुंचाना है तो संस्कृत और संस्कृति की रक्षा जरूरी है। सतीश पांडेय, रणजीत सिंह, रामजी ठाकुर , जयराम कुशवाहा, नंद लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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