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घाघरा के जलस्तर में बढ़ाव जारी, सहमे तटवर्ती वाशिंदे
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:11 PM IST
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बेल्थरारोड/ बैरिया।। घाघरा नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि का क्रम जारी है। जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को अपराह्न जलस्तर 62.260 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान से 1.750 मीटर नीचे है। आयोग का कहना है कि पिछले 24 घंटे में एक से दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जल स्तर में वृद्धि हो रही है। नदी का पानी गांव की ओर कूच करने लगा है। बाढ़ का पानी टीएस बंधे के करीब पहुंच गया है और धीरे-धीरे नदी का पानी आबादी के करीब पहुंच रहा है। उधर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
वहीं बैरिया संवाददाता के अनुसार तहसील क्षेत्र में घाघरा फिर तबाही मचाने पर आतुर है। घाघरा के कटान देख दतहां डेंजर जोन से लेकर बशिष्ठनगर धुपनाथ के डेरा, अधिसिझुआ, गोपालनगर टारी तथा बिहार की सीमा से सटे इब्राहिमाबाद नौबरार तक के लोग सहमे हुए हैं। विभागीय लापरवाही के कारण ही इस गांव के काश्तकार अब भूमिहीन हो गए हैं। पिछले बाढ़ के समय कटान में गांव के लगभग 350 मकानों सहित कई अमिट निशानियां भी यादों में सिमट गई। रेवती ब्लाक के दतहां बंधा पर खतरा मंडराने से दर्जनों गांव के वाशिंदे जहां सहमे हुए हैं, वहीं मुरलीछपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत की बची आबादी भी सहमी हुई है। उन्हें भय सता रहा है कि कहीं वर्ष 2014 की ही तरह ही इस साल भी विभागीय उपेक्षा के कारण घाघरा तबाही की वही दास्तां न लिख दे। बाढ़ खंड की ओर से इस बार यहां कुछ भी नहीं कराया गया। आज भी यहां लगभग 15 हजार की आबादी कटान के मुहाने पर है। दूसरी ओर बीएसटी बांध पर भी संकट के बादल दिख रहे हैं। अगर बन्धा टूटा तो कोड़रहा नौबरार के लक्ष्मण छपरा, शिवनराय के टोला सहित दर्जनों गांवों के एक लाख से अधिक आवादी प्रभावित हो सकता है। विभागीय उपेक्षा से आम जनमानस एक बार फिर आंदोलन की मन बनाने लगे हैं।
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वहीं बैरिया संवाददाता के अनुसार तहसील क्षेत्र में घाघरा फिर तबाही मचाने पर आतुर है। घाघरा के कटान देख दतहां डेंजर जोन से लेकर बशिष्ठनगर धुपनाथ के डेरा, अधिसिझुआ, गोपालनगर टारी तथा बिहार की सीमा से सटे इब्राहिमाबाद नौबरार तक के लोग सहमे हुए हैं। विभागीय लापरवाही के कारण ही इस गांव के काश्तकार अब भूमिहीन हो गए हैं। पिछले बाढ़ के समय कटान में गांव के लगभग 350 मकानों सहित कई अमिट निशानियां भी यादों में सिमट गई। रेवती ब्लाक के दतहां बंधा पर खतरा मंडराने से दर्जनों गांव के वाशिंदे जहां सहमे हुए हैं, वहीं मुरलीछपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत की बची आबादी भी सहमी हुई है। उन्हें भय सता रहा है कि कहीं वर्ष 2014 की ही तरह ही इस साल भी विभागीय उपेक्षा के कारण घाघरा तबाही की वही दास्तां न लिख दे। बाढ़ खंड की ओर से इस बार यहां कुछ भी नहीं कराया गया। आज भी यहां लगभग 15 हजार की आबादी कटान के मुहाने पर है। दूसरी ओर बीएसटी बांध पर भी संकट के बादल दिख रहे हैं। अगर बन्धा टूटा तो कोड़रहा नौबरार के लक्ष्मण छपरा, शिवनराय के टोला सहित दर्जनों गांवों के एक लाख से अधिक आवादी प्रभावित हो सकता है। विभागीय उपेक्षा से आम जनमानस एक बार फिर आंदोलन की मन बनाने लगे हैं।
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