{"_id":"59820cba4f1c1b707d8b468b","slug":"111501695162-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय निर्माण में अनियमितता की खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय निर्माण में अनियमितता की खुली पोल
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैरिया। सरकार अधिक लक्ष्य देकर अपना पीठ स्वयं थपथपा लेती है। लेकिन धरातल पर नजारा कुछ और ही कहानी बयां करता है। विकास खण्ड बैरिया के विभागीय आंकड़े बताते हैं कि 2013-14 का शौचालय निर्माण पूर्ण नहीं हुए, तब तक अगले कई वित्तीय वर्ष का लक्ष्य प्राप्त हो गया। वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक लक्ष्य के मुताबिक 75 प्रतिशत शौचालय नहीं बने हैं।
विकास खण्ड बैरिया में वित्तीय वर्ष 2013-14 में डा. राम मनोहर लोहिया अंतर्गत कुल 1336 शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला था। अभी इस लक्ष्य को पूरा भी नहीं किया गया, तब तक इसी योजना के तहत 431 और शौचालय बनाने का लक्ष्य दे दिया गया। इसके अलावा वर्ष 2014-15 में जेईएस योजना के तहत 400 शौचालय, राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 55 शौचालय, गंगा किनारे नमामि गंगे योजना अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 2405 शौचालय, ओडीएएफ योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 66 शौचालय सहित कुल 5693 शौचालय बनाने के लिए लक्ष्य दिया गया। लेकिन खुद विभागीय आनलाइन पूर्ण रूप से बने शौचालय की फीडिंग के आंकड़े की माने तो अब तक सिर्फ 1655 शौचालय का निर्माण हो सका है। शेष 4038 शौचालय का धन का बंदरबाट हो गया। खण्ड विकास अधिकारी रामजीत कुमार ने शौचालय निर्माण नहीं किये जाने को बहुत गंभीरता से लिया है। इसके लिए वर्ष 2013 से ले कर अब तक बैंक स्टेटमेंट भी मांगा गया है। ताकि पता चल सके कि कब-कब कितना धन शौचालय के मद में निकाला गया है। उन्होंने कहा कि हर हाल में शौचालय का निर्माण करना है। शौचालय के लिए आए धन को हजम करने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विकास खण्ड बैरिया में वित्तीय वर्ष 2013-14 में डा. राम मनोहर लोहिया अंतर्गत कुल 1336 शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला था। अभी इस लक्ष्य को पूरा भी नहीं किया गया, तब तक इसी योजना के तहत 431 और शौचालय बनाने का लक्ष्य दे दिया गया। इसके अलावा वर्ष 2014-15 में जेईएस योजना के तहत 400 शौचालय, राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 55 शौचालय, गंगा किनारे नमामि गंगे योजना अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 2405 शौचालय, ओडीएएफ योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 66 शौचालय सहित कुल 5693 शौचालय बनाने के लिए लक्ष्य दिया गया। लेकिन खुद विभागीय आनलाइन पूर्ण रूप से बने शौचालय की फीडिंग के आंकड़े की माने तो अब तक सिर्फ 1655 शौचालय का निर्माण हो सका है। शेष 4038 शौचालय का धन का बंदरबाट हो गया। खण्ड विकास अधिकारी रामजीत कुमार ने शौचालय निर्माण नहीं किये जाने को बहुत गंभीरता से लिया है। इसके लिए वर्ष 2013 से ले कर अब तक बैंक स्टेटमेंट भी मांगा गया है। ताकि पता चल सके कि कब-कब कितना धन शौचालय के मद में निकाला गया है। उन्होंने कहा कि हर हाल में शौचालय का निर्माण करना है। शौचालय के लिए आए धन को हजम करने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन