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महायज्ञ की निकली कलश यात्रा
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:03 PM IST
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सहतवार। क्षेत्र के बिसौली शिव मंदिर पर साप्ताहिक शिवपुराण व अभिषेकात्मक महायज्ञ का आयोजन किया गया है। जिसमें अयोध्या से पधारें संत श्री मारुति दासजी महाराज (त्यागी बाबा) की देखरेख में सोमवार को कलश यात्रा निकाल यज्ञ का शुभारंभ किया गया।
कलश यात्रा बिसौली होते हुए हसनपुर, रेगहां, चितबिसाव खुर्द, चांदपुर होते हुए सरयु घाट पहुंचा, जहां से जल भरकर श्रद्धालु पुन: यज्ञ स्थल पर पहुंचे। इस दौरान हाथी, घोडे़ व ऊंट के साथ ही गाजे- बाजे ने कलश यात्रा की शोभा बढ़ाई। भक्तों के जयकारे से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
आयोजककर्ता संत श्री मारूति दासजी महाराज ने बताया की सावन मास का पावन महीना बाबा भोलेनाथ का होता है। इस मास में बाबा भोलेनाथ की पूजा पाठ का विशेष महत्व है। भोले नाथ की श्रद्धा से पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को बाबा का अपार स्नेह मिलता है। जिससे वे परम् सुख की प्राप्ति करते है। कहा कि भोलेनाथ को गंगाजल, गौ दूध, मधु, वेलपत्र, विभिन्न प्रकार के फूल मालाओं से विशेष पूजन करना चाहिए। जिससे प्रसन्न होकर वह घर, गांव व नगर का कल्याण करते है।
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कलश यात्रा बिसौली होते हुए हसनपुर, रेगहां, चितबिसाव खुर्द, चांदपुर होते हुए सरयु घाट पहुंचा, जहां से जल भरकर श्रद्धालु पुन: यज्ञ स्थल पर पहुंचे। इस दौरान हाथी, घोडे़ व ऊंट के साथ ही गाजे- बाजे ने कलश यात्रा की शोभा बढ़ाई। भक्तों के जयकारे से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
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आयोजककर्ता संत श्री मारूति दासजी महाराज ने बताया की सावन मास का पावन महीना बाबा भोलेनाथ का होता है। इस मास में बाबा भोलेनाथ की पूजा पाठ का विशेष महत्व है। भोले नाथ की श्रद्धा से पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को बाबा का अपार स्नेह मिलता है। जिससे वे परम् सुख की प्राप्ति करते है। कहा कि भोलेनाथ को गंगाजल, गौ दूध, मधु, वेलपत्र, विभिन्न प्रकार के फूल मालाओं से विशेष पूजन करना चाहिए। जिससे प्रसन्न होकर वह घर, गांव व नगर का कल्याण करते है।
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