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चार बसों से 106 मजदूर व दो छात्र पहुंचे, सभी मजदूरों को किया गया क्वारंटीन
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बलिया। सरकार की पहल के बाद लोगों की घरवापसी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसे लेकर जिला प्रशासन भी अलर्ट है। रविवार को प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे छात्रों के अलावा राजस्थान के भरतपुर और गुजरात के सूरत जिले से बड़ी तादाद में कामगार गृह जनपद लौटे। इसमें सूरत से दो बसों में क्रमश: 33 व 32 श्रमिक, जबकि एक बस में अलीगढ़ से एक छात्र और एक छात्रा के अलावा एक बस से राजस्थान के भरतपुर जिले से आए 41 कामगार रहे। इनमें बिहार के पांच श्रमिक व गाजीपुर जनपद के चार मजदूर भी रहे। जिनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के उपरांत उन्हें जिला प्रशासन द्वारा गाजीपुर जिले के कामगारों को उनके गृह जनपद भेज दिया गया, जबकि शेष को क्वारंटीन कराया गया है।
कोविड-19 के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विपिन जैन ने बताया कि सूरत रेड जोन में है, इसलिए वहां से आए लोगों को एहतियातन क्वारंटीन करते हुए रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। अलीगढ़ से आए छात्रों के बारे में बताया कि इस संबध में उनकी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार बातचीत हो रही थी और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही इन्हें जनपद में प्रवेश की अनुमति दी गई है। जबकि राजस्थान के भरतपुर से आने वाले कामगार पहले से ही वहां क्वारंटीन थे, फिर भी उन्हें क्वांरटीन कर रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है।
सूरत से आए मजदूर इंटर कॉलेज में हुए क्वारंटीन
बैरिया। दो बसों में सूरत से जिले के अलावा बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों के कुल 65 लोगों को लेकर रविवार को बैरिया बाबा लक्ष्मण दास द्वाबा राष्ट्रीय इंटर कॉलेज पहुंची। बस में पांच महिलाएं, दो मासूमों के अलावा एक युवती समेत सात बच्चे भी रहे। जबकि इनमें से एक दर्जन लोग बिहार के जिला सारण, गया, अरवल के थे। बस से उतरती हुई महिलाएं रोते हुए क्वारंटीन सेंटर में पहुचीं। उपजिलाधिकारी अशोक चौधरी व नायब तहसीलदार रजत सिंह ने महिला व पुरुष को अलग-अलग कमरे में व्यवस्था कराई और चाय की व्यवस्था कराने के बाद भोजन की व्यवस्था कराया। इनके खाने के लिए तीन रसोईया व देखभाल के लिए नोडल अधिकारी के रूप में एडीओ पंचायत योगेश चौबे, कानूनगो, लेखपाल की तैनाती की गई है।
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कोविड-19 के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विपिन जैन ने बताया कि सूरत रेड जोन में है, इसलिए वहां से आए लोगों को एहतियातन क्वारंटीन करते हुए रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। अलीगढ़ से आए छात्रों के बारे में बताया कि इस संबध में उनकी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार बातचीत हो रही थी और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही इन्हें जनपद में प्रवेश की अनुमति दी गई है। जबकि राजस्थान के भरतपुर से आने वाले कामगार पहले से ही वहां क्वारंटीन थे, फिर भी उन्हें क्वांरटीन कर रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है।
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सूरत से आए मजदूर इंटर कॉलेज में हुए क्वारंटीन
बैरिया। दो बसों में सूरत से जिले के अलावा बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों के कुल 65 लोगों को लेकर रविवार को बैरिया बाबा लक्ष्मण दास द्वाबा राष्ट्रीय इंटर कॉलेज पहुंची। बस में पांच महिलाएं, दो मासूमों के अलावा एक युवती समेत सात बच्चे भी रहे। जबकि इनमें से एक दर्जन लोग बिहार के जिला सारण, गया, अरवल के थे। बस से उतरती हुई महिलाएं रोते हुए क्वारंटीन सेंटर में पहुचीं। उपजिलाधिकारी अशोक चौधरी व नायब तहसीलदार रजत सिंह ने महिला व पुरुष को अलग-अलग कमरे में व्यवस्था कराई और चाय की व्यवस्था कराने के बाद भोजन की व्यवस्था कराया। इनके खाने के लिए तीन रसोईया व देखभाल के लिए नोडल अधिकारी के रूप में एडीओ पंचायत योगेश चौबे, कानूनगो, लेखपाल की तैनाती की गई है।
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