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डीएम ने पकड़ी प्रवेश पत्र के बदले में अवैध वसूली
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बलिया: जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत व पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने सोमवार को आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। करीब हर सेंटर पर कुछ एक कमियां मिलने पर अधिकारी ने दूर कराने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया। शाहबान मेमोरियल स्कूल नगरा पर तो प्रवेश पत्र देने के बदले में पांच सौ रुपये तक की अवैध वसूली पकड़ी गई। इस पर वहां बड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए। डीएम ने सभी केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, केंद्र पर व्यवस्था के संबंध में जो शपथ पत्र दिया गया है उसके अनुसार व्यवस्था दुरुस्त नहीं नहीं मिली, तो जिम्मेदार सीधे जेल जाएंगे। कार्रवाई में तनिक भी कोताही नहीं बरती जाएगी। शासन की मंशा है कि चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था के बीच नकलविहीन व सुचितापूर्वक परीक्षा सम्पन्न कराई जाए। रामाज्ञा इंटर कालेज कुरेजी पर कैमरे ऐसे लगे थे जिससे पूरा कमरा कवर नहीं हो पा रहा था। पेपर कापियां भी लकड़ी की आलमारी में रखे होने पर उसे तत्काल लोहे की आलमारी में रखने के निर्देश दिए। पेयजल शौचालय आदि व्यवस्था को भी देखा। वहां से ललिता देवी इंटर कालेज असनवार गए, तो वहां भी थोड़ी बहुत कमियां मिल गई। डीएम ने तत्काल ठीक कराने को कहा। जनता इंटर कालेज नगरा पर कुछ हद तक व्यवस्था ठीक मिली। वहां हर कमरों में दूसरा सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य जारी था।
पूछताछ में वसूली पता चली
परीक्षा केंद्रों का जायजा ले रहे डीएम को नगरा के शाहबान मेमोरियल स्कूल पर कमी मिली। वहां प्रवेश पत्र के बदले में अवैध वसूली की जा रही थी। इसका पता तब चला जब डीएम ने एक छात्र को बुलाकर प्रश्नपत्र देने के बदले में दी गई धनराशि के बारे में घुमाकर पूछताछ की। छात्र ने बताया कि तीन सौ रुपए दिया है और दो सौ रुपये बकाया है। प्रधानाचार्य परसन राम ने इसे फीस बकाया बताकर अपना बचाव क़िया। लेकिन जब डीएम ने इसकी रसीद और रजिस्टर मांग दी तो प्रधानाचार्य की बोलती बंद हो गई। डीएम ने कहा, इतनी बड़ी कमी मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विद्यालय पर पुलिसिया कार्रवाई के साथ विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश डीआईओएस को दिया।
ऐसा भी केंद्र जहां विद्यालय का नाम तक नहीं लिखा
अंजनी कान्वेंट स्कूल गोठाई पर के हालात देख डीएम का पारा चढ़ गया। वहां न तो ठीक बेंच थे और न ही कैमरा व वॉयस रोकार्डर लगा था। शौचालय भी ठीक ठाक नहीं मिला। विद्यालय का नाम तक कहीं नहीं लिखा था। केंद्र के हालात को देख जिलाधिकारी ने चेताया कि एक दिन के अंदर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुई तो मान्यता रद्द करने पर विचार किया जाएगा।
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सभी कमरों में रहेगा वॉइस रिकॉर्डर
परीक्षा केंद्र में कोई बोलकर भी नकल कराना चाहे तो अब संभव नहीं होगा। हर परीक्षा केंद्र के सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे के साथ वॉइस रिकॉर्डर भी लगाए गए हैं। डीएम ने कैमरों के साथ इन रिकार्डरों की भी सुन कर जांचा परखा। इस दौरान किसी कमरे से आवाज साफ नहीं सुनाई देने पर उन्हें बदलवाने के निर्देश दिए। कहा कि अगर परीक्षा के दौरान वॉइस रिकॉर्डर या कैमरा बंद हुआ तो उसके जिम्मेदार केंद्र प्रभारी होंगे। इसलिए पहले से ही उच्च गुणवत्ता की इन सामग्रियों को लगवाया लिया जाए। इस दौरान डीआईओएस भास्कर मिश्र, अतुल तिवारी साथ थे।
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पूछताछ में वसूली पता चली
परीक्षा केंद्रों का जायजा ले रहे डीएम को नगरा के शाहबान मेमोरियल स्कूल पर कमी मिली। वहां प्रवेश पत्र के बदले में अवैध वसूली की जा रही थी। इसका पता तब चला जब डीएम ने एक छात्र को बुलाकर प्रश्नपत्र देने के बदले में दी गई धनराशि के बारे में घुमाकर पूछताछ की। छात्र ने बताया कि तीन सौ रुपए दिया है और दो सौ रुपये बकाया है। प्रधानाचार्य परसन राम ने इसे फीस बकाया बताकर अपना बचाव क़िया। लेकिन जब डीएम ने इसकी रसीद और रजिस्टर मांग दी तो प्रधानाचार्य की बोलती बंद हो गई। डीएम ने कहा, इतनी बड़ी कमी मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विद्यालय पर पुलिसिया कार्रवाई के साथ विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश डीआईओएस को दिया।
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ऐसा भी केंद्र जहां विद्यालय का नाम तक नहीं लिखा
अंजनी कान्वेंट स्कूल गोठाई पर के हालात देख डीएम का पारा चढ़ गया। वहां न तो ठीक बेंच थे और न ही कैमरा व वॉयस रोकार्डर लगा था। शौचालय भी ठीक ठाक नहीं मिला। विद्यालय का नाम तक कहीं नहीं लिखा था। केंद्र के हालात को देख जिलाधिकारी ने चेताया कि एक दिन के अंदर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुई तो मान्यता रद्द करने पर विचार किया जाएगा।
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सभी कमरों में रहेगा वॉइस रिकॉर्डर
परीक्षा केंद्र में कोई बोलकर भी नकल कराना चाहे तो अब संभव नहीं होगा। हर परीक्षा केंद्र के सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे के साथ वॉइस रिकॉर्डर भी लगाए गए हैं। डीएम ने कैमरों के साथ इन रिकार्डरों की भी सुन कर जांचा परखा। इस दौरान किसी कमरे से आवाज साफ नहीं सुनाई देने पर उन्हें बदलवाने के निर्देश दिए। कहा कि अगर परीक्षा के दौरान वॉइस रिकॉर्डर या कैमरा बंद हुआ तो उसके जिम्मेदार केंद्र प्रभारी होंगे। इसलिए पहले से ही उच्च गुणवत्ता की इन सामग्रियों को लगवाया लिया जाए। इस दौरान डीआईओएस भास्कर मिश्र, अतुल तिवारी साथ थे।