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कोर्ट के आदेश को सीएमओ दिखा रहे ठेंगा
Updated Wed, 23 May 2018 11:04 PM IST
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बलिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रधान सहायक पद पर तैनात सच्चिदानंद सिंह और लिपिक आनंद दुबे स्थानांतरण होने के बाद भी अपने पद पर जमे हुए हैं। सीएमओ कार्यालय से अभी तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों में असंतोष की भावना पनप रही है।
अक्तूबर 2017 में ही निदेशक (प्रशासन) ने सीएमओ कार्यालय में तैनात 47 बाबुओं का सामूहिक स्थानांतरण किया था, जिसमें सच्चिदानंद सिंह और आनंद प्रकाश दुबे भी शामिल हैं लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से उन्हें रिलीव नहीं किया गया। सच्चिदानंद सिंह को कोर्ट के आदेश के क्रम में मऊ स्थानांतरित किया गया है।
मालूम हो कि अक्तूबर 2017 में शासन ने 39 लिपिकों का सामूहिक स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया था। इसमें रामनिवास राम एवं सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक का मामला उच्च न्यायालय में था। कोर्ट ने प्रत्यावेदन निस्तारण के लिए शासन को निर्देशित किया। इसके अनुपालन में निदेशक प्रशासन ने सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक को रायबरेली और रामनिवास को आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद पुन: सच्चिदानंद सिंह ने कोर्ट में अपील की। इसके बाद कोर्ट के आदेश के क्रम में निदेशक प्रशासन ने मार्च 2018 में सच्चिदानंद सिंह का स्थानांतरण रायबरेली का निरस्त कर मऊ जनपद कर दिया। बावजूद रिलीव नहीं किया गया।
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प्रधान सहायक सच्चिदानंद सिंह का मामला डीए के यहां विचाराधीन है। जबकि आनंद प्रकाश दुबे का पत्र डीए के यहां अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। - डा. एसपी राय, सीएमओ, बलिया
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अक्तूबर 2017 में ही निदेशक (प्रशासन) ने सीएमओ कार्यालय में तैनात 47 बाबुओं का सामूहिक स्थानांतरण किया था, जिसमें सच्चिदानंद सिंह और आनंद प्रकाश दुबे भी शामिल हैं लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से उन्हें रिलीव नहीं किया गया। सच्चिदानंद सिंह को कोर्ट के आदेश के क्रम में मऊ स्थानांतरित किया गया है।
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मालूम हो कि अक्तूबर 2017 में शासन ने 39 लिपिकों का सामूहिक स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया था। इसमें रामनिवास राम एवं सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक का मामला उच्च न्यायालय में था। कोर्ट ने प्रत्यावेदन निस्तारण के लिए शासन को निर्देशित किया। इसके अनुपालन में निदेशक प्रशासन ने सच्चिदानंद सिंह प्रधान सहायक को रायबरेली और रामनिवास को आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद पुन: सच्चिदानंद सिंह ने कोर्ट में अपील की। इसके बाद कोर्ट के आदेश के क्रम में निदेशक प्रशासन ने मार्च 2018 में सच्चिदानंद सिंह का स्थानांतरण रायबरेली का निरस्त कर मऊ जनपद कर दिया। बावजूद रिलीव नहीं किया गया।
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प्रधान सहायक सच्चिदानंद सिंह का मामला डीए के यहां विचाराधीन है। जबकि आनंद प्रकाश दुबे का पत्र डीए के यहां अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। - डा. एसपी राय, सीएमओ, बलिया