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जल निगम के 10 अधिकारियों पर हो सकता है केस

Wed, 25 Sep 2019 10:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 10:24 PM IST
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10 officers of Jal Nigam may face a case
बलिया। नगर में 13 वर्षों से बन रहे सीवर के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता ने माना है कि जो सीवर पड़ी है वह चोक है और आज भी चालू नहीं है। अधिशासी अभियंता कायम हुसैन ने इसके लिए जिम्मेदार 11 अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने लिए अधीक्षण अभियंता से अनुमति मांगी है। इनमें वर्ष 2006 से लेकर अब तक के कई अधिकारी शामिल हैं। एक अधिकारी तो दो बार अलग-अलग पदों पर रहे हैं। उधर, सीवर निर्माण में हुए घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है। इस मामले में कोर्ट ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता और नगर पालिका के ईओ को शपथ पत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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शहर में वर्ष 2006-07 में कुल 97.22 करोड़ की लागत से बनने वाले सीवर व एसटीपी विभागीय अधिकारियों की सुस्ती व भ्रष्टाचार के कारण 13 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। सीवर निर्माण के लिए शहर को दो भागों में बांटा गया। सिटी जोन की लागत जहां 52.22 करोड़ थी वहीं सिविल लाइन जोन के लिए कुल लागत 45 करोड़ लागत निर्धारित थी। कुल 97.22 करोड़ में से 12 करोड़ की धनराशि एसटीपी निर्माण के लिए तय की गई थी। शासन से कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद बतौर कार्यदायी संस्था जल निगम को नामित किया गया और विभाग ने इस कार्य को मेसर्स ज्योति बिल्डर को ठेका दे दिया। एसटीपी निर्माण के लिए वर्ष 2018 में इस कंपनी ने भी गुजरात की कंपनी ग्रीन लीव को एसटीपी निर्माण की जिम्मेदारी दे दी। एसटीपी शहर से करीब नौ किमी दूर छोड़हर गांव में बन रहा है। इसके लिए पाइप लाइन डाली जा रही है। आलम यह है कि शहर के तिखमपुर तिराहे के पास करीब 11 माह से मुख्य मार्ग पर गड्ढा खोदकर पूर्व में डाले गए पाईप को खोजा जा रहा है लेकिन सीवर का मुख्य पाइप लाइन व चैंबर नहीं मिल रहा है।
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करीब दो माह पहले जिलाधिकारी ने सीवर निर्माण की पड़ताल की थी और लापरवाही व अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश जल निगम के अधिशासी अभियंता को दिया था। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने इस मामले में 11 अधिकारियों को दोषी मानते हुए अधीक्षण अभियंता को चार जुलाई 19 को पत्र भेज कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। अधीक्षण अभियंता की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर अधिशासी अभियंता ने अनुस्मारक पत्र भेजा और एक बार फिर अनुमति मांगी है। हालांकि इन 11 में से एक अधिकारी अलग-अलग समय पर अलग अलग पद पर तैनात रहे हैं। जलनिगम के अधिशासी अभियंता कायम हुसैन ने कहा कि जिलाधिकारी ने सीवर निर्माण के पूरा नहीं होने की समीक्षा की थी। लापरवाही और अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश से अधिकारियों को अवगत कराते हुए कार्रवाई की अनुमति मांगी गई है।
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इन अफसरों पर केस दर्ज कराने की मांगी है अनुमति : बलिया। शहर में बने रहे सीवर अनियमितता व गड़बड़ी के लिए अधिशासी अभियंता ने कुल 11 अधिकारियों को जिम्मेदार माना है, हालांकि एक अधिकारी दो बार तैनात रहे हैं। इसमें जेई राजेंद्र प्रसाद, एई फणिंद्र राय, एक्सईएन आरएस शुक्ला, एक्सईएन एके श्रीवास्तव, एई सुबा सिंह, एक्सईएन फणिंद्र राय, आलोक कुमार जायसवाल, एई नीरज कुमार, जेई आरपी राय, एक्सईएन कमलेश सिंह, एक्सईएन अलाऊद्दीन खां व एई वीके जायसवाल शामिल हैं।
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