{"_id":"664903c5dd25f149cb015206","slug":"xen-stopped-irregularities-in-anti-erosion-work-bahraich-news-c-98-1-slko1007-114035-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: कटान निरोधक कार्य में अनियमितता एक्सईएन ने रुकवाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: कटान निरोधक कार्य में अनियमितता एक्सईएन ने रुकवाया
Sun, 19 May 2024 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 19 May 2024 01:08 AM IST
विज्ञापन
मोतीपुर (बहराइच)। थाना सुजौली क्षेत्र के कटान प्रभावित गांवों की जमीन को कटान से रोकने के लिए कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद बीते शुक्रवार को एक्सईएन ने मौके पर पहुंचकर कार्य को रुकवा दिया। इस दौरान उन्होंने इस्तेमाल किए जा रहे टूटे-फूटे परकुपाइन को हटवाकर कार्य को गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए।
थाना सुजौली क्षेत्र के बरखड़िया, चहलवा, मंगलपुरवा व विजय नगर गांव कटान प्रभावित क्षेत्र में आता है। यहां कटान को रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम नानपारा द्वारा कटान निरोधक कार्य कराया जा रहा था। करीब दो दिन पूर्व गांव में कराए जा रहे कटान निरोधक के कार्य में भ्रष्टाचार का मामला खुलासा होने के बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने जांच कमेटी बैठाकर कार्य को रुकवा दिया था। विभाग के एक्सईएन जयप्रकाश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। हालांकि, मौके पर टूटे-फूटे परकुपाइन नहीं मिले। एक्सईएन ने बताया कि टूटे-फूटे परकुपाइन के इस्तेमाल होने की जानकारी मिली थी। जिसे विभाग के जेई अजय वर्मा से जांच कराने के बाद हटवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब जेई वर्मा की देखरेख में ही वाइब्रेटर व अन्य जरूरत की मशीनों के साथ मानक के अनुरूप परकुपाइन बनाए जा रहें हैं। इस मामले को अमर उजाला ने उजागर किया था। जिसके बाद विभाग स्तर से यह कार्रवाई शुरू की गई है।
विज्ञापन
थाना सुजौली क्षेत्र के बरखड़िया, चहलवा, मंगलपुरवा व विजय नगर गांव कटान प्रभावित क्षेत्र में आता है। यहां कटान को रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम नानपारा द्वारा कटान निरोधक कार्य कराया जा रहा था। करीब दो दिन पूर्व गांव में कराए जा रहे कटान निरोधक के कार्य में भ्रष्टाचार का मामला खुलासा होने के बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने जांच कमेटी बैठाकर कार्य को रुकवा दिया था। विभाग के एक्सईएन जयप्रकाश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। हालांकि, मौके पर टूटे-फूटे परकुपाइन नहीं मिले। एक्सईएन ने बताया कि टूटे-फूटे परकुपाइन के इस्तेमाल होने की जानकारी मिली थी। जिसे विभाग के जेई अजय वर्मा से जांच कराने के बाद हटवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब जेई वर्मा की देखरेख में ही वाइब्रेटर व अन्य जरूरत की मशीनों के साथ मानक के अनुरूप परकुपाइन बनाए जा रहें हैं। इस मामले को अमर उजाला ने उजागर किया था। जिसके बाद विभाग स्तर से यह कार्रवाई शुरू की गई है।
विज्ञापन